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'भारत सरकार' लिखी कार... पिता का सपना पूरा करने के लिए बना फर्जी IAS, 7 साल बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे

Jharkhand News: थाना प्रभारी को फर्जी अफसर के पद और अलग-अलग राज्यों में पोस्टिंग की बातों पर संदेह हुआ तो उन्होंने गहनता से पूछताछ शुरू की, जिसमें वह फंस गया. पुलिस की सख्ती से की गई पूछताछ और जांच में फर्जी आईएएस राजेश ने स्वीकार किया कि वह यूपीएससी की परीक्षा में चार बार शामिल हुआ था, लेकिन सफल नहीं हो सका.

'भारत सरकार' लिखी कार... पिता का सपना पूरा करने के लिए बना फर्जी IAS, 7 साल बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे
पलामू पुलिस ने फर्जी अफसर को किया गिरफ्तार.
  • झारखंड के पलामू जिले में राजेश कुमार ने सात वर्षों तक फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों को गुमराह किया.
  • राजेश कुमार ने भारत सरकार लिखी कार और फर्जी आईकार्ड दिखाकर खुद को आीएएस अफसर बताया.
  • पुलिस को तब शक हुआ जब राजेश ने अलग-अलग राज्यों में अपनी पोस्टिंग के बारे में संदिग्ध बातें बताईं.
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पलामू:

रोब और रुतबा झाड़ने का शौक लोगों से क्या न करवा दे. इसके लिए फर्जी अफसर बनना कितना सही है. ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां लोग फर्जी अफसर बनकर लोगों को बेवकूफ बना रहे थे. झारखंड के पलामू पुलिस ने भी ऐसे ही एक मामले का पर्दाफाश किया है, जहां एक शख्स राजेश कुमार फर्जी आीएएस अधिकारी बनकर 7 सालों तक घूमता रहा, किसी को उस पर शक तक नहीं हुआ. शक होता भी कैसे, फर्जी आईएएस का रुतबा ही कुछ ऐसा था कि किसी को उसकी सच्चाई पता ही नहीं चली. भारत सरकार के फर्जी नेमबोर्ड वाली गाड़ी, फर्जी आईकार्ड, ये सब देखकर किसी को जालसाज पर रत्ती भर शक नहीं हुआ. हालांकि अब वह पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है.

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पुलिस के हत्थे चढ़ा फर्जी IAS अफसर

पलामू जिले की हुसैनाबाद पुलिस ने शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है. वह पिछले करीब सात सालों से खुद को आईएएस (IAS) और आईपीटीएएफएस (IPTAFS) अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब हैदरनगर थाना क्षेत्र के कुकही निवासी राजेश कुमार एक जमीन विवाद की पैरवी के लिए हुसैनाबाद थाना प्रभारी से मिलने पहुंचे. वहां उसने खुद को 2014 बैच का ओडिशा कैडर का आईएएस अधिकारी और वर्तमान में भुवनेश्वर में सीएओ के पद पर तैनात बताया.

पुलिस को ऐसे हुआ फर्जी अफसर पर शक

बातचीत के दौरान जब थाना प्रभारी को उसके पद और अलग-अलग राज्यों में पोस्टिंग की बातों पर संदेह हुआ, तो उन्होंने गहनता से पूछताछ शुरू की, जिसमें वह फंस गया. पुलिस की सख्ती से की गई पूछताछ और जांच में फर्जी आईएएस राजेश ने स्वीकार किया कि वह यूपीएससी की परीक्षा में चार बार शामिल हुआ था, लेकिन सफल नहीं हो सका.

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'भारत सरकार' लिखी कार लेकर घूमता था

अपने पिता और समाज की नजरों में खुद को सफल दिखाने के लिए उसने फर्जी अधिकारी बनने का नाटक शुरू किया. पिछले कई सालों से वह फर्जी आई कार्ड और 'भारत सरकार' लिखी कार लेकर घूम रहा था. पुलिस ने उसके पास से एक फर्जी चाणक्य आईएएस एकेडमी का आईडी कार्ड और एक हुंडई एरा कार (JH01Z-4884) बरामद की है, जिस पर फर्जी नेमबोर्ड लगा हुआ है. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एस. मोहम्मद याकूब के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

मऊ से भी फर्जी पुलिस अफसर गिरफ्तार

फर्जी अफसर बनकर रौब झाड़ने का ये कोई पहला मामला नहीं है. उत्तर प्रदेश के मऊ से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है. पुलिस ने फर्जी सीओ बनकर घूम रहे एक शख्स को धर दबोचा. प्रभात पांडे फ्जी खाकी वर्दी पहनकर लोगों पर रौब झाड़ता था. वह एसीपी लिखी कार में चलता था. अब वह पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है.

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