विज्ञापन

जनवरी 2026 में कैसी रहेगी ठंड? कहां पड़ेगा ज्यादा कोहरा और शीतलहर, IMD ने सब बताया 

IMD के आउटलुक के अनुसार, देश के बड़े हिस्से में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है. हालांकि, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा ज्यादा रह सकता है 

जनवरी 2026 में कैसी रहेगी ठंड? कहां पड़ेगा ज्यादा कोहरा और शीतलहर, IMD ने सब बताया 

दिसंबर की सर्द रातों के बाद अब जनवरी में शीतलहर की बारी है. जनवरी की ठंड इस बार सिर्फ कंपकंपी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कोहरा, शीत लहर और तापमान में असामान्य गिरावट देशभर के कई हिस्‍सों में कहर ढा सकती है, जिससे आम जनजीवन अस्‍त-व्‍यस्‍त हो सकता है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जनवरी से मार्च 2026 के लिए अपना पूर्वानुमान जारी किया है, साथ ही जनवरी 2026 के लिए भी मौसम का आउटलुक जारी कर दिया है. इसमें साफ तौर पर बताया गया है कि जनवरी में पड़ने वाली इस सर्दी का असर देश के बड़े हिस्से में महसूस किया जाएगा. आम लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. 

उत्तर भारत में कहां-कहां सर्दी का असर ज्यादा? 

IMD के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में पड़ने वाले पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में जनवरी से मार्च के दौरान काफी ठंड पड़ने की संभावना है. वहीं, कुल मौसमी वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है. यह क्षेत्र सर्दियों में अपनी सालाना बारिश का करीब 18% हिस्सा प्राप्त करता है, जबकि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में यह आंकड़ा 31% तक पहुंच जाता है. ऐसे में कम बारिश का असर रबी फसलों और जल प्रबंधन पर पड़ सकता है. 

Latest and Breaking News on NDTV

गिरेगा तापमान, रातें ज्यादा ठंडी

IMD का कहना है कि जनवरी 2026 में न्यूनतम तापमान देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम रहने की संभावना है. इसका मतलब है कि रातें ज्यादा सर्द होंगी. विशेष रूप से मध्य भारत के कुछ इलाके, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में सामान्य से ज्यादा शीत लहर वाले दिन देखने को मिल सकते हैं. दूसरी ओर, उत्तर-पूर्व भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य या थोड़ा अधिक रह सकता है 

दिन में भी ठंड का अहसास

केवल रातें ही नहीं, बल्कि दिन में अधिकतम तापमान भी कई क्षेत्रों में सामान्य से कम रह सकता है. IMD के आउटलुक के अनुसार, देश के बड़े हिस्से में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है. हालांकि, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा ज्यादा रह सकता है. 

Latest and Breaking News on NDTV

ला नीना का असर भी दिखेगा

IMD की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थिति बनी हुई है. समुद्री सतह का तापमान औसत से कम है और मजबूत व्यापारिक हवाएं इस स्थिति को और मजबूत कर रही हैं. अनुमान है कि जनवरी–मार्च 2026 के दौरान ENSO न्यूट्रल स्थिति की ओर बढ़ेगा, लेकिन सर्दी के पैटर्न पर ला नीना का असर बना रह सकता है. 

जनवरी में बारिश: कहां राहत, कहां कमी?

IMD के अनुसार, जनवरी 2026 में पूरे देश में औसत मासिक बारिश सामान्य रहने की संभावना है. हालांकि, उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से कम हो सकती है. वहीं, मध्य भारत और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान है. 1971–2020 के आंकड़ों के आधार पर, जनवरी में पूरे देश का औसत वर्षा स्तर करीब 17.1 मिमी रहता है, जबकि उत्तर भारत में यह लगभग 49 मिमी है.

Latest and Breaking News on NDTV

आम लोगों के लिए गाइडलाइन 

IMD के इस पूरे आउटलुक का सीधा मतलब यह है कि जनवरी 2026 में ठंड लंबी और ज्‍यादा हो सकती है.

  • कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है
  • शीत लहर से बुजुर्गों, बच्चों और किसानों को अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होगी
  • रबी फसलों के लिए मौसम अहम रहेगा, खासकर उन इलाकों में जहां बारिश कम रहने की संभावना है

IMD का साफ संदेश है कि इस ठंड को हल्के में न लें, क्योंकि जनवरी का मौसम इस बार सामान्य से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ये भी पढ़ें: एयर प्‍यूरीफायर पर GST 13% कम कर सकती है सरकार! जानिए आपके कितने पैसे बचेंगे

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com