जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दलित युवक संजय पर हुए हमले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक नेता सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी करते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में गंभीर चोट लगने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों पर सख्त धाराएं नहीं लगाईं, जिससे उनकी तत्काल गिरफ्तारी नहीं हो सकी.
"संजय की खोपड़ी फट गई, फिर भी नहीं लगी धारा"
सौरभ दास ने अपने ट्वीट में कहा कि हमले में घायल संजय के सिर पर इतनी गंभीर चोट आई कि उनकी खोपड़ी तक फट गई. उनके मुताबिक चोट की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर में हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा 307 लगाए जाने की जरूरत थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस धारा को जोड़ने से इनकार कर दिया.
उनका कहना है कि धारा 307 संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आती है और इसके लगते ही आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी संभव होती. सौरभ दास ने दावा किया कि गिरफ्तारी से बचाने के लिए ही यह धारा नहीं जोड़ी गई.
धारा 326 लगाने की मांग भी ठुकराने का आरोप
CJP नेता ने कहा कि बाद में उन्होंने कम से कम गंभीर चोट से जुड़ी धारा 326 लगाने की मांग की, लेकिन इसे भी स्वीकार नहीं किया गया. ट्वीट में उन्होंने डीसीपी सचिन शर्मा और एसीपी अजय शर्मा का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों ने हमारे मुहं पर कहा कि "जाओ कोर्ट से आदेश ले आओ"
Allow me to tell you what exactly happened after BJP-protected goon Swatantra Bhardwaj's attack on Dalit man Sanjay at our Jantar Mantar protest:
— Saurav Das (@SauravDassss) September 3, 2026
- Sanjay ji's skull was cracked open. The wound dimensions were of such great size that it obviously warranted an Attempt to Murder…
मेडिकल रिपोर्ट और सह-आरोपियों पर भी सवाल
सौरभ दास ने दावा किया कि अब तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की मेडिकल राय उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के साथ मौजूद अन्य लोगों की पहचान भी अभी तक नहीं हो सकी है.
ट्वीट में आरोप लगाया गया कि हमले के बाद कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और रील बनाईं और संजय की नाबालिग बेटी निशु को भी खुलेआम धमकियां दीं. इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
कपिल मिश्रा पर लगाए गंभीर आरोप
सौरभ दास ने अपने बयान में दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्र भारद्वाज खुले तौर पर यह दावा कर रहा है कि मंत्री की ओर से पुलिस पर दबाव बनाया गया ताकि उसे थाने से छोड़ा जाए और उसके खिलाफ कड़ी धाराएं न लगाई जाएं.
CJP नेता ने सवाल उठाया कि यदि किसी मंत्री ने जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया है तो उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने पूछा कि क्या ऐसे आरोपों के बाद मंत्री को पद पर बने रहना चाहिए और क्या भाजपा नेतृत्व इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगा.
#FACTCHECK
— DCP New Delhi (@DCPNewDelhi) September 3, 2026
On 23.06.2026, at Jantar Mantar, during the CJP protest, Sh Sanjay Kumar (38), a resident of Ghaziabad, sustained a head injury by Kada worn by one of the alleged during a scuffle.
He was medically examined by Doctors of RML Hospital, and the injuries were opined to…
"चोट कड़े से लगी थी"
मामले पर दिल्ली पुलिस ने बताया कि जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान, गाज़ियाबाद के रहने वाले संजय कुमार (38) के सिर पर चोट लग गई. यह चोट हाथापाई के समय कथित आरोपियों में से एक द्वारा पहने गए कड़े से लगी थी.
RML अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल जांच की और बताया कि चोटें मामूली थीं. ये चोटें कड़े से लगी थीं, न कि किसी हथियार से. खोपड़ी में दरार की गलत जानकारी तथ्यों या MLC से मेल नहीं खाती और पूरी तरह से बेबुनियाद है. उनके बयान के आधार पर, पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. उन्हें घटनास्थल से हिरासत में लिया गया और जांच के दौरान, सूरज कुमार (24) और स्वतंत्र भारद्वाज (21) को कानून के अनुसार नोटिस जारी किए गए और उनसे पूछताछ की गई. उचित कानूनी कार्रवाई की गई है और जल्द ही सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी. इस मामले में किसी भी तरह के अनुचित प्रभाव या दखल का आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत और बेबुनियाद है. इस मामले में कानून और प्रक्रियाओं के अनुसार सख्ती से कार्रवाई की गई है.
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