असम विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल 2026 के लिए सरगर्मी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का गढ़ माना जाने वाला जलुकबारी विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर राजनीतिक हॉटस्पॉट बन गया है. साल 2001 से हिमंत बिस्वा सरमा यहां से लगातार जीतते आ रहे हैं. 2023 परिसीमन के बाद भी यह सीट उनके कब्जे में है. यहां 2 लाख 10 हजार 624 मतदाता और 247 पॉलिंग स्टेशन हैं. कांग्रेस में करीब एक साल पहले शामिल हुई बिदिशा नियोग पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. सीएम के सामने एक नई युवा नेता के तौर पर मैदान में उतरी बिदिशा घर-घर जाकर प्रचार कर रही है. बिदिशा छोटी-छोटी सभाओं और चौपालों में वोटर्स से सीधा संवाद कर रही हैं.
"हम शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं"
बिदिशा नियोग ने कहा, “चौपाल से शीर्ष तक, यही असमिया लोगों की यात्रा है. मैं गौरव गोगोई के सपने ‘बड़ असोम' (ग्रेटर असम) को साकार करना चाहती हूं, जहां नफरत और विभाजन न हो.” उन्होंने आगे कहा, “असमिया लोग जाति, धर्म या समुदाय से ऊपर उठकर भाई-बहन की तरह शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं. लेकिन आज वह माहौल गायब है, हम उसे बहाल करेंगे.”
राहुल गांधी के 'डरना मत' नारे का किया जिक्र
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलनी है.” सीएम पर सीधा हमला करते हुए बिदिशा ने कहा, “जो डर गया, वो हार गया. राहुल गांधी कहते हैं ‘डरना मत'. मैं हिमंत बिस्वा सरमा से लड़ने से नहीं डरती. हम कनकलता बरुआ जैसी बहादुर धरती की बेटियां हैं, हम लड़ेंगे.”
सीएम बोले- मेरे कार्यकर्ता मेरे लिए प्रचार कर रहे
इस मामले पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “मुझे भी नहीं पता विपक्ष ने जलुकबारी से किसे उतारा है. मेरे कार्यकर्ता क्षेत्र में प्रचार कर रहे हैं. पिछली बार 74 फीसदी वोट मिले थे, इस बार 85-90 प्रतिशत की उम्मीद है.” साथ ही बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरमा की योजनाओं का फायदा लोगों तक पहुंच रहा है. औरुनोदई योजना के तहत महिलाओं को 1250 रुपये मिल रहे हैं. सड़क से लेकर रोजगार तक विकास दिख रहा है.
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