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88% टिकट अब ऑनलाइन, पर बिना आधार नहीं चलेगा काम... लोकसभा में बोले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि अब टिकट बुकिंग के लिए आधार लिंक होना जरूरी है. ताकि फर्जी आईडी और दलालों पर लगाम कसी जा सके. फिलहाल 88% टिकट ऑनलाइन बुक हो रहे हैं.

88% टिकट अब ऑनलाइन, पर बिना आधार नहीं चलेगा काम... लोकसभा में बोले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
  • भारतीय रेलवे ने टिकटिंग सिस्टम में एंटी-बोट तकनीक और आधार वेरिफिकेशन को शामिल किया
  • 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट केवल आधार से लिंक अकाउंट वाले उपयोगकर्ताओं को ही बुक करने की अनुमति होगी
  • रेलवे ने 3.04 करोड़ फर्जी यूजर आईडी को स्थायी रूप से बंद कर दलालों और फर्जी ट्रैफिक पर कड़ी कार्रवाई की है
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भारतीय रेलवे ने टिकटिंग सिस्टम में बड़ा अपडेट किया है, जिससे यात्रियों को फायदा होगा. अब ऑनलाइन टिकट बुकिंग को सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे ने कड़े नियम लागू किए हैं. अब वेबसाइट पर एंटी-बोट तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है और संदिग्ध ईमेल आईडी को ब्लॉक कर दिया गया है ताकि आम यात्रियों को आसानी से कंफर्म टिकट मिल सके. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि रेलवे की टिकटिंग व्यवस्था को पारदर्शी और दलाल-मुक्त बनाने के लिए तकनीकी स्तर पर बड़े बदलाव किए गए हैं. अब सामान्य और तत्काल टिकटों की बुकिंग में यात्रियों को प्राथमिकता देने के लिए आधार वैरिफिकेशन को मुख्य आधार बनाया गया है.

टिकट बुकिंग के नए और कड़े नियम

रेलवे ने फर्जी आईडी और दलालों पर नकेल कसने के लिए कई बदलाव लागू किए हैं. रेल मंत्री ने कहा बताया कि 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट केवल वही यूजर्स बुक कर सकते हैं जिनका अकाउंट आधार से लिंक है.सामान्य रिजर्वेशन खुलने के पहले दिन भी ऑनलाइन बुकिंग के लिए आधार वैरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है. रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि आधार लिंक न करने पर किसी का अकाउंट बंद नहीं किया गया है, लेकिन सुरक्षा कारणों से 3.04 करोड़ फर्जी आईडी को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है.

ऑनलाइन टिकट ज्यादा खरीद रहे यात्री

आंकड़े बताते हैं कि यात्री अब स्टेशनों पर लाइन लगाने के बजाय मोबाइल और लैपटॉप से टिकट बुक करना पसंद कर रहे हैं. फिलहाल लगभग 88% रिजर्व टिकट ऑनलाइन बुक किए जा रहे हैं. फरवरी 2026 तक 48.25 करोड़ टिकट ऑनलाइन और केवल 6.15 करोड़ काउंटर से बुक हुए.

दलाली और फर्जी ट्रैफिक रोकने के लिए तकनीक का इस्तेमाल

रेल मंत्री ने बताया कि IRCTC की वेबसाइट पर संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए 'एंटी-बॉट' (Anti-Bot) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस तकनीक से लगभग 64% संदिग्ध और बॉट ट्रैफिक को सफलतापूर्वक रोका गया है. दलालों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 13,023 संदिग्ध ईमेल डोमेन को ब्लॉक किया गया है. वहीं 4.07 लाख संदिग्ध PNR की पहचान की गई और इनमें से 408 मामलों में साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज की गई है.

फर्जी खातों पर कार्रवाई

2025 में 3.04 करोड़ फर्जी यूजर आईडी को स्थायी रूप से बंद किया गया, जबकि 2.94 करोड़ अकाउंट्स को दोबारा वेरिफिकेशन के विकल्प के साथ सस्पेंड किया गया है.

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रिफंड और अन्य शुल्क

मंत्री ने स्पष्ट किया कि IRCTC टिकटिंग सिस्टम के रखरखाव और निरंतर अपग्रेडेशन के लिए एक छोटा सा कंवीनियंस शुल्क लेती है. वेटिंग टिकट कैंसिल करने पर लगने वाला 'क्लर्केज चार्ज' साल 2015 के नियमों के अनुसार ही लागू रहेगा, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है.

रेल मंत्री के अनुसार, इन कड़े नियमों और आधार वैरिफिकेशन से एक ही व्यक्ति या एजेंट द्वारा कई फर्जी अकाउंट बनाना लगभग असंभव हो गया है. इससे पीक सीजन और तत्काल बुकिंग के समय वास्तविक यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना काफी बढ़ गई है.

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