केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि भारत कुछ वर्षों में ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा जिसमें सहकारिता क्षेत्र को भी अहम भूमिका निभानी होगी. शाह ने दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में आयोजित विश्व डेयरी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में होने वाले अगले लोकसभा चुनावों के पहले सरकार ग्रामीण स्तर पर दो लाख नई दुग्ध सहकारी समितियों के गठन में मदद करेगी. उन्होंने डेयरी क्षेत्र से पेशेवर अंदाज, नवीनतम प्रौद्योगिकी, कंप्यूटरीकरण और डिजिटल भुगतान की व्यवस्था को अपनाने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी. इससे न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा बल्कि गरीब देशों को आपूर्ति भी की जा सकेगी.
उन्होंने डेयरी उद्योग से दुग्ध प्रसंस्करण के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनों के विनिर्माण में आत्मनिर्भर होने का आह्वान भी किया. उन्होंने कहा, ‘‘भारत 2014 में दुनिया की 14वीं बड़ी अर्थव्यवस्था था लेकिन अब यह पांचवें स्थान पर पहुंच गया है. मुझे पूरा भरोसा है कि अगले कुछ वर्षों में हम तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे.''
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
उन्होंने कहा कि दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के समय भारत के सहकारिता क्षेत्र के योगदान की भी चर्चा होगी. उन्होंने डेयरी क्षेत्र में सक्रिय सहकारी समितियों और कंपनियों के बीच फर्क करने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि डेयरी सहकारी समितियों ने महिलाओं के सशक्तीकरण में बड़ी भूमिका निभाई है और इससे कुपोषण से जंग करने में भी मदद मिली है. उन्होंने कहा, ‘‘सहकारिता क्षेत्र और डेयरी सहकारी समितियों ने ग्रामीण विकास में काफी काम किया है.''
उन्होंने डेयरी उद्योग से प्राकृतिक खेती को अपनी जीवनरेखा बनाने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे लोगों की सेहत सुधरने के साथ आर्थिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक कृषि एवं निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए तीन बहु-सहकारी समितियां भी बनाई जा रही हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं