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This Article is From Feb 21, 2023

क्‍या भारत में बढ़ता तापमान घटा सकता है गेहूं की पैदावार? मौसम विभाग की चेतावनी के बाद बनाई गई समिति

सर्दियों की बारिश की कमी ने भारत के उत्तरी राज्यों के कुछ हिस्सों में तापमान बढ़ा दिया है, जहां किसान गेहूं उगाते हैं. मौसम अधिकारियों के अनुसार, पिछले हफ्ते दैनिक औसत तापमान मार्च के मध्य के स्तर तक पहुंच गया.

क्‍या भारत में बढ़ता तापमान घटा सकता है गेहूं की पैदावार?  मौसम विभाग की चेतावनी के बाद बनाई गई समिति
अक्टूबर और नवंबर में रोपण और मार्च से कटाई के साथ देश में एक वर्ष में केवल एक गेहूं की फसल होती है
नई दिल्‍ली:

भारत में बढ़ता तापमान गेहूं की फसल को प्रभावित कर सकता है. केंद्र सरकार ने इसका आकलन करने का निर्णय किया है. सरकारी अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि भारत ने गेहूं की फसल पर बढ़ते तापमान के प्रभाव का आकलन करने के लिए अधिकारियों का एक पैनल गठित किया है. मौसम कार्यालय ने चेतावनी दी है कि प्रमुख उत्पादक राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा. दुनिया के दूसरे सबसे बड़े गेहूं उत्पादक(भारत) ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि इसका उत्पादन 4.1% बढ़कर रिकॉर्ड 112.2 मिलियन टन होने की उम्‍मीद है.

सर्दियों की बारिश की कमी ने भारत के उत्तरी राज्यों के कुछ हिस्सों में तापमान बढ़ा दिया है, जहां किसान गेहूं उगाते हैं. मौसम अधिकारियों के अनुसार, पिछले हफ्ते दैनिक औसत तापमान मार्च के मध्य के स्तर तक पहुंच गया. भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उपभोक्ता भी है, ने मई 2022 में निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया. इसका कारण था तापमान में अचानक वृद्धि के बाद उत्पादन में गिरावट आई. हालांकि, इस दौरान रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण वैश्विक स्‍तर पर अनाज कमी आई और निर्यात मांग में तेजी देखने को मिली.

एक अधिकारी ने आधिकारिक नियमों के अनुसार, अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, "सरकार ने उच्च तापमान के प्रभाव की निगरानी के लिए एक समिति बनाने का फैसला किया है, लेकिन मौजूदा फसल की स्थिति अच्छी दिख रही है." भारत के कृषि आयुक्त समिति का नेतृत्व करेंगे और देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों के अधिकारी और सरकारी वैज्ञानिक भी पैनल में होंगे.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को एक बयान में कहा कि इस सप्ताह कुछ राज्यों में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 9 डिग्री सेल्सियस अधिक है. अगले तीन दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है. आईएमडी ने कहा, "इस उच्च दिन के तापमान से तैयार होने की अवधि के करीब आने वाली गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जो तापमान के प्रति संवेदनशील होती है. फूल आने और परिपक्व होने की अवधि के दौरान उच्च तापमान से उपज में कमी आती है."

बता दें कि अक्टूबर और नवंबर में रोपण और मार्च से कटाई के साथ देश में एक वर्ष में केवल एक गेहूं की फसल होती है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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