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समुद्री में भी अपनी धमक से दुश्मनों की नींद उड़ा रहा भारत, जान लीजिए कैसे बनता जा रहा है महाशक्ति  

इस बार इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू की थीम है “यूनाइटेड थ्रू ओशन्स”, यानी महासागरों के जरिए एकजुटता. 18 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बंगाल की खाड़ी में भारतीय और विदेशी युद्धपोतों का निरीक्षण करेंगी.

समुद्री में भी अपनी धमक से दुश्मनों की नींद उड़ा रहा भारत, जान लीजिए कैसे बनता जा रहा है महाशक्ति  
समुद्र में भी अपनी ताकत बढ़ा रहा रहा है भारत
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नई दिल्ली:

15 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक भारत के दक्षिण भारत के एक प्रमुख राज्य आंध्र प्रदेश का एक मुख्य शहर विशाखापत्तनम पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करनेवाला है. इन ग्यारह दिनों में इस शहर में 75 देशों के उनके सबसे शक्तिशाली 90 जहाज अपनी शक्ति का प्रदर्शन करनेवाले हैं. यह विकसित भारत के समुद्री महाशक्ति की बड़ी और खास तस्वीर की झलक पूरी दुनिया को दिखाई देगी. यह मौका इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 और मल्टीलेटरल नेवल एक्सरसाइज मिलन 2026 का होगा. ऐसा पहली बार होगा, जब इतने ज्यादा देश भारतीय नौसेना के बुलावे पर एक ही समुद्र में एक साथ अभ्यास करेंगे और साझा सुरक्षा पर जरुरी और गहन चर्चा करेंगे.

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आज दुनिया मुख्यत: युद्धपरक तनावों से घिरी हुई है. पश्चिमी एशिया में ईरान और अमेरिका के रिश्ते तनावपूर्ण हैं. रूस और यूक्रेन के युद्ध ने भी दुनिया को अलग-अलग गुटों में बांट दिया है. लेकिन इसी तनावपूर्ण माहौल में भारत एक अलग और प्रेरक संदेश देने जा  रहा है. यह देखना बेहद दिलचस्प होगा जब हिंद महासागर के किनारे बसे विशाखापत्तनम में वैसे देश भी एक मंच साझा करते नजर आएंगे, जिनके आपसी रिश्ते सामान्य नहीं हैं. कुछ दिन के लिए ही सही, लेकिन यहां सभी देश दोस्त और साझेदार बनकर साथ खड़े होंगे. यह भारतीय नौसेना की मजबूत और संतुलित कूटनीति के कारण ही संभव हो पाया है.

15 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक विशाखापत्तनम में तीन बड़े समुद्री कार्यक्रम होंगे. इनमें इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026, मिलन 2026 और इंडियन ओशन नेवल सिंपोजियम यानी IONS कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स शामिल हैं. तीनों कार्यक्रम एक ही शहर और एक ही समय पर आयोजित होंगे. इनका मकसद सभी शामिल देशों के बीच आपसी समुद्री सहयोग बढ़ाना और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को मजबूत करना है.

इस दौरान विशाखापत्तनम सिर्फ एक बंदरगाह शहर नहीं रहेगा बल्कि यह भारत की समुद्री कूटनीति की राजधानी बनकर उभरता हुआ नजर आएगा.यहीं भारतीय नौसेना का ईस्टर्न नेवल कमांड स्थित है, जो बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर पर नजर रखता है. इन कार्यक्रमों में दुनिया के कई देशों के युद्धपोत समुद्र में नजर आएंगे. वहीं जमीन पर नौसैनिक अधिकारियों, रक्षा विशेषज्ञों और देशों के प्रतिनिधियों के बीच बैठकें और सेमिनार होंगे.

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इस बार इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू की थीम है “यूनाइटेड थ्रू ओशन्स”, यानी महासागरों के जरिए एकजुटता. 18 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बंगाल की खाड़ी में भारतीय और विदेशी युद्धपोतों का निरीक्षण करेंगी. उन्हें गन सैल्यूट दिया जाएगा. इस आयोजन का मुख्य आकर्षण भारत का स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत होगा.

भारत पहले भी दो बार IFR की मेजबानी कर चुका है. 2001 में मुंबई और 2016 में विशाखापत्तनम में ही यह आयोजन हुआ था. लेकिन इस वर्ष अर्थात 2026 का यह आयोजन भाग लेने वाले देशों की संख्या के लिहाज से सबसे खास और उल्लेखनीय माना जा रहा है. यह आयोजन दर्शाता है कि भारत आज अन्य देशों के हितों की रक्षा करने के लिए समुद्री महाशक्ति का सबसे भरोसेमंद व शक्तिशाली महाकेंद्र के रूप स्थापित होने की ओर तेजी से अग्रसर है.

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