- भारत में स्किलिंग और रोजगार को जोड़ने के लिए B9 नामक यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनाने का निर्णय लिया गया.
- B9 प्लेटफॉर्म पूरे प्रशिक्षण और नौकरी मिलने के सफर का डेटा रिकॉर्ड करके डुप्लीकेट एंट्री को सुनिश्चित करेगा.
- इस पहल में कैपजेमिनी, नीति आयोग, सुपरह्यूमनरेस समेत कई बड़ी कंपनियां और संस्थाएं शामिल हैं.
भारत में स्किलिंग और रोजगार को जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. India AI Impact Summit 2026 में देश की कई बड़ी कंपनियां और संस्थाएं एक साथ आईं और B9 नाम के एक यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनाने का फैसला किया. इस पहल में कैपजेमिनी, जीएमआर फाउंडेशन, इंडिगो, ईएक्सएल, लेमन ट्री होटल्स, एमफैसिस लिमिटेड, नीति आयोग और सुपरह्यूमनरेस शामिल हैं.
क्या है B9 प्लेटफॉर्म
B9 एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो स्किलिंग से लेकर नौकरी मिलने तक पूरे सफर को ट्रैक करेगा. यानी किस युवक-युवती ने कौन-सी ट्रेनिंग ली, उसे नौकरी मिली या नहीं, और मिली तो कहां—अब यह सब डेटा एक ही सिस्टम में रिकॉर्ड होगा. यह प्लेटफॉर्म SuperHumanRace ने तैयार किया है और इसे Capgemini के विज़न के साथ विकसित किया गया है.

B9 की खासियत
- डुप्लीकेट एंट्री की पहचान करेगा
- जॉब प्लेसमेंट को वेरिफाई करेगा
- पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाएगा
इसका मकसद CSR के बिखरे हुए प्रयासों को एक साझा, डेटा-ड्रिवन राष्ट्रीय स्किलिंग सिस्टम में बदलना है, जिससे असली रोजगार प्रभाव को मापा जा सके. यह पहल विकसित भारत 2047 विज़न को भी सीधा समर्थन देती है.

कौन हैं गगनदीप के. भुल्लर
Gagandeep K. Bhullar एक जानी-मानी भारतीय टेक्नोलॉजिस्ट और एंटरप्रेन्योर हैं. वह SuperHumanRace की CEO हैं. उनकी कंपनी 40 देशों में काम कर रही है और जिन कंपनियों के साथ वह काम करती हैं उनकी कुल वैल्यूएशन 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है. गगनदीप भुल्लर United Nations Global Compact इंडिया गवर्निंग काउंसिल की सदस्य भी हैं. वह Solar Decathlon India की एडवाइजर भी हैं, जो दुनिया की सबसे बड़ी नेट-जीरो बिल्डिंग्स चैलेंज मानी जाती है.
उन्होंने United Nations Headquarters में भारत और SuperHumanRace का प्रतिनिधित्व किया है. इसके अलावा उन्होंने कॉमनवेल्थ के सेक्रेटरी जनरल के साथ विचार-विमर्श, संसद में भारतीय कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठकों और विभिन्न सरकारी विभागों के साथ नीति संवाद में भी हिस्सा लिया है.

उन्हें CII की पावर 100 लिस्ट में शामिल किया गया था और जनवरी 2023 में World Economic Forum, दावोस में लॉन्च हुई एक ग्लोबल CEO स्टडी में वह इकलौती भारतीय महिला CEO थीं. पहले वह Boeing में भारत और नॉर्थ अमेरिका में बिजनेस लीडरशिप भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं.
अब तक स्किलिंग सेक्टर में CSR प्रोजेक्ट्स अलग-अलग चल रहे थे, जिससे असली असर का आकलन करना मुश्किल होता था. B9 के जरिए पहली बार एक साझा, भरोसेमंद और डेटा-आधारित प्लेटफॉर्म बनेगा, जो बताएगा कि ट्रेनिंग के बाद कितने युवाओं को स्थायी रोजगार मिला. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम भारत के स्किलिंग इकोसिस्टम को नई दिशा दे सकता है और रोजगार सृजन को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बना सकता है.
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