- इन्फोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि ने पीएम मोदी से जुड़ा एक खास किस्सा शेयर किया
- पीएम मोदी ने गाय और मवेशियों की बीमारी पहचान के लिए AI तकनीक के उपयोग का सुझाव दिया था
- तीन हफ्तों में सरलाबेन ऐप तैयार हुआ, जो गुजरात के लाखों डेयरी किसानों के लिए AI आधारित डिजिटल असिस्टेंट है
दिल्ली में चल रही इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit 2026) के दौरान इन्फोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी एक मुलाकात का दिलचस्प किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि कैसे पीएम मोदी ने किसानों के लिए AI लागू करने का आइडिया सुझाया. उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि नेता भी तकनीक को कितनी गहराई से समझ सकते हैं. पीएम मोदी की सलाह से कंपनी को दिशा मिली और उन्होंने 'सरलाबेन' ऐप बनाया, जिससे गुजरात के लाखों किसानों को मदद मिलेगी.
पीएम मोदी ने दिया खास आइडिया
AI समिट में पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान नीलेकणी ने बताया, 'जब मैं 8 जनवरी को PM मोदी से मिला और किसानों पर AI लागू करने के बारे में बात की. उन्होंने कहा, ‘हम इसे गायों और मवेशियों पर क्यों नहीं लागू कर सकते? क्योंकि अगर गाय बीमार है, तो वह आपको यह नहीं बता सकती कि वह बीमार है. आप इस समस्या को कैसे हल कर सकते हैं?' उन्होंने हमें खेती और डेयरी में AI लागू करने का अपना विजन दिया.'
When people say “leaders don't understand technology”, Nandan Nilekani tells a story that completely shatters that myth.
— Prakash (@Gujju_Er) February 19, 2026
🗓 8th January
A casual conversation with PM Modi on using AI for farmers.
PM Modi asks a simple but game-changing question:
👉 “Why only farmers? Why not… pic.twitter.com/uWhs7k9nYC
तीन हफ्तों में ऐप बनकर हुआ तैयार
उन्होंने आगे बताया कि कैसे पीएम मोदी के एक सुझाव के बात तेजी से इस पर काम शुरू हुआ. 8 जनवरी को ही पीएम ऑफिस में MeitY के अधिकारियों, अमूल के प्रतिनिधियों और उनके कुछ साथियों के साथ मीटिंग हुई थी. महज तीन हफ्तों के भीतर यह ऐप लाइव हो गया. यह दुनिया की सबसे बड़ी कोऑपरेटिव है जिसमें 3.6 मिलियन किसान, हर साल 2 बिलियन दूध के ट्रांजैक्शन और 40 मिलियन मवेशी हैं.
पीएम का 8 जनवरी को दिया गया एक आइडिया 11 फरवरी को हकीकत बन गया. नीलेकणी ने आगे कहा कि यह मेरे लिए, भारत में AI डिफ्यूजन की रफ्तार का एक उदाहरण है. मुझे वैसी ही एक्साइटमेंट महसूस हो रही है जैसी मुझे 30 दिसंबर 2016 को हुई थी, जब PM ने UPI पर BHIM पेमेंट एप्लीकेशन लॉन्च किया था.
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क्या है सरलाबेन ऐप?
बता दें कि 'सरलाबेन' ऐप गुजरात के किसानों के लिए डिजाइन किया गया एक AI डिजिटल असिस्टेंट है.नीलेकणि ने बताया कि इस ऐप को डेटा सॉवरेनिटी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. इस ऐप को अमूल के ऑटोमैटिक मिल्क कलेक्शन सिस्टम (AMCS) और पशुधन एप्लिकेशन के साथ इंटीग्रेट किया गया है. यह मवेशियों की हेल्थ, वैक्सीनेशन शेड्यूल, मेडिकल ट्रीटमेंट, फीडिंग और ब्रीडिंग के तरीके पर पर्सनलाइज्ड गाइडेंस देगा. सरलाबेन ऐप डेयरी किसानों को सरकारी स्कीम और सब्सिडी की जानकारी भी देगा. इसे पिछले हफ़्ते गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने लॉन्च किया था.
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