- कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोनम वांगचुक के अनशन को 'अन्ना हजारे पार्ट-2' बताया है.
- इमरान मसूद ने कहा कि उन्होंने छात्रों के न्याय की लड़ाई छोड़कर समझौता कर लिया.
- कांग्रेस सांसद ने नीट पेपर लीक मामले में बनाए जाने वाले फास्ट-ट्रैक कोर्ट के फैसले पर भी सवाल किए हैं.
नीट पेपर लीक समेत शिक्षा व्यवस्था में सुधारों को लेकर लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर थे. देर रात उनका अनशन खत्म हो गया है, लेकिन इसके बाद एक बड़ा सियासी विवाद भी दिख रहा है. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोनम वांगचुक पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया है कि वांगचुक ने छात्रों की न्याय की लड़ाई को बीच रास्ते में छोड़कर केंद्र सरकार के साथ एक गुप्त समझौता कर लिया है और इसे 'अन्ना हजारे पार्ट 2' बताया है. इसके अलावा इमरान मसूद ने शिक्षा ऋण, दिल्ली विश्वविद्यालय के माहौल को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.
इमरान मसूद का सोनम वांगचुक पर निशाना
इमरान मसूद ने कहा 'सोनम वांगचुक का अनशन अन्ना हजारे पार्ट 2 है. अन्ना का आंदोलन 12 साल तक शांत रहा और अब वांगचुक सामने आए हैं. कल जब केंद्रीय मंत्रियों से आप बातचीत कर रहे थे, तो क्या वहां एक भी छात्र मौजूद था? वहां मौजूद हर कोई लद्दाख का प्रतिनिधित्व कर रहा था, वांगचुक अपनी डील कर रहे थे. उन्होंने इस पूरी घटना को 'स्क्रिप्टेड' बताया है. मसूद ने कहा जिस तरह साल 2011 के अन्ना आंदोलन के बाद अन्ना हजारे देश के परिदृश्य से अचानक गायब हो गए, ठीक वैसे ही अब सोनम वांगचुक भी खामोश बैठ जाएंगे.' कांग्रेस सांसद के आरोपों के बाद यह मुद्दा और गर्माता जा रहा है.
🔴#BREAKING| 'वांगचुक अन्ना हजारे पार्ट-2 हैं', सोनम वांगचुक पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का तंज#ParliamentSession2026 | #RahulGandhi | @DeoSikta pic.twitter.com/WQ4vd8OnRl
— NDTV India (@ndtvindia) July 24, 2026
कांग्रेस सांसद ने फास्ट-ट्रैक पर भी उठाए सवाल
नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाने का ऐलान किया है. जिस पर इमरान मसूद ने कहा 'परिवारों ने इतने बड़े-बड़े एजुकेशन लोन ले रखे हैं. आप इन कर्जों को माफ करने की अधिसूचना क्यों जारी नहीं करते? लेकिन आप ऐसा नहीं करेंगे. इसके बजाय आप केवल यह कहकर एक औपचारिकता पूरी करेंगे कि एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा.
अभिजीत दीपके को मौका मिला है
अभिजीत दीपके की तारीफ करते हुए इमरान मसूद ने कहा 'दीपके को छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व करने का अवसर मिला है. इसे बेकार न जाने दें. वह छात्रों की आवाज हैं. इसके अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय को लेकर इमरान ने कहा कि वे सभी एक ही वैचारिक खेमे से हैं. उन्हें शिक्षा की कोई चिंता नहीं है. अगर सच में चिंता है तो शिक्षा को किफायती बनाना चाहिए और एजुकेशन लोन माफ करने चाहिए. केवल मुख्य सचिव को हटाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. एक व्यक्ति जाता है और उसकी जगह दूसरा आ जाता है. कांग्रेस सांसद ने कहा 'आप चाहे मेट्रो बंद कर दें या लोगों को उनके घरों में कैद कर दें, हमारा आंदोलन जारी रहेगा.हम छात्रों के साथ खड़े हैं.
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