- 2005 से 2024 के बीच IIT के कुल 115 छात्रों ने आत्महत्या की, जिनमें IIT मद्रास के मामले सर्वाधिक हैं
- छात्रों की आत्महत्या के मुख्य कारण पढ़ाई का तनाव, नौकरी की अनिश्चितता, पारिवारिक समस्याएं और उत्पीड़न हैं
- IIT बॉम्बे में इस साल तीन आत्महत्या की घटनाएं हुईं हैं, जिनमें छात्रावास और परीक्षा संबंधी दबाव प्रमुख कारण थे
परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाए जाने के कुछ ही घंटों बाद, आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) के दूसरे साल के एक छात्र ने 18 सितंबर को आत्महत्या कर ली. 19 साल के छात्र की मौत के बाद कैंपस में 400 से ज़्यादा छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया और चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी गईं. संस्थान के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, छात्र ने जवाब पाने के लिए परीक्षा का प्रश्न पत्र ChatGPT पर अपलोड किया था.
मृतक छात्र की पहचान साहिल वाकोडे के रूप में हुई है, जो ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष का छात्र था. पिछले छह महीनों में आईआईटी पवई परिसर में दर्ज की गई आत्महत्या की यह तीसरी घटना है.
2026 में IIT बॉम्बे में आत्महत्या की घटना:
- सितंबर 2026: परीक्षा हॉल में मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करते हुए पाए जाने के कुछ ही घंटों बाद, IIT बॉम्बे के दूसरे साल के एक छात्र ने 18 सितंबर 2026 को आत्महत्या कर ली.
- जुलाई 2026: IIT बॉम्बे के मटीरियल साइंस के दूसरे साल के 20 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर अपने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली.
- फरवरी 2026: IIT बॉम्बे के इंजीनियरिंग के दूसरे साल के 21 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर हॉस्टल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली.
2005 से 2024 के बीच 115 IIT छात्रों ने आत्महत्या की
IIT कानपुर के पूर्व छात्र और 'ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप' के संस्थापक धीरज सिंह द्वारा दायर RTI के ज़रिए मिली जानकारी के मुताबिक, 2005 से 2024 के बीच इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) के 115 छात्रों ने आत्महत्या की. इनमें से 98 मामले कैंपस के अंदर और 17 मामले कैंपस के बाहर के थे. 2005 से 2024 के बीच छात्रों की आत्महत्या के सबसे ज़्यादा मामले IIT मद्रास में 26 दर्ज किए गए. इसके बाद IIT कानपुर में 18, IIT खड़गपुर में 13 और IIT बॉम्बे में 10 छात्रों की मौत के मामले सामने आए.
आत्महत्या का कारण
अलग-अलग IIT छात्र संगठनों द्वारा किए गए इंटरनल सर्वे में, 61% लोगों का मानना था कि छात्रों की मौत की वजह पढ़ाई का तनाव (एकेडमिक स्ट्रेस) था. इसके बाद नौकरी को लेकर अनिश्चितता (12%), पारिवारिक समस्याएं (10%) और उत्पीड़न (6%) जैसे कारण बताए गए.
एक महीने पहले ही IIT दिल्ली के एक स्टूडेंट ने सुसाइड किया था.
2023 से IIT दिल्ली के 8 छात्रों ने आत्महत्या की
- ऋषिकेश – MSc फ़िज़िक्स के छात्र – अगस्त 2026 - डिप्रेशन और एंग्जायटी (चिंता)
- हर्षित स्वामी - BTech सिविल इंजीनियरिंग - 12 मार्च, 2026
- आयुष सिंघल - बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में PhD - 4 जून, 2025 – परिवार को आत्महत्या का मामला नहीं लगा
- कुमार यश - MSc छात्र - 22 अक्टूबर, 2024 - मनोरोग का इलाज चल रहा था
- वरद संजय नेरकर - MTech - 15 फरवरी, 2024 – फैकल्टी द्वारा कथित उत्पीड़न
- प्रणव जैन - B.Tech छात्र - 2 नवंबर, 2023 – डिप्रेशन और तनाव
- अनिल कुमार - B.Tech छात्र – सितंबर 2023 – परीक्षा में फेल होना
- आयुष आशना - B.Tech छात्र – जुलाई 2023 – परीक्षा में खराब परफॉर्मेंस
IIT दिल्ली द्वारा बनाई गई कमेटी ने आत्महत्या के कारण, कोचिंग के बाद बर्नआउट/तनाव, ग्रेडिंग सिस्टम जो 'खतरनाक कॉम्पिटिशन' को बढ़ावा देता है, वो बताए हैं, साथ ही लगातार एकेडमिक दबाव और जाति तथा लिंग के आधार पर भेदभाव भी वजहों में शामिल हैं.
केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या
- 2018 – 21 (IIT – 8)
- 2019 – 19 (IIT – 8)
- 2020 – 7 (IIT – 3)
- 2021 – 7 (IIT – 4)
- 2022 – 24 (IIT – 9)
- 2023 – 20 (IIT – 7)
घटना के बाद कैंपस में छात्रों ने किया प्रदर्शन
आईआईटी बॉम्बे में घटना के बाद, कैंपस में छात्रों का एक समूह इकट्ठा हुआ और विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया. उनका आरोप था कि प्रशासन ने छात्र की मौत से जुड़ी सभी जानकारी का खुलासा नहीं किया था. प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि परीक्षा की घटना को लेकर वाकोडे को एक साल के निलंबन की धमकी दी गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे निलंबन के तहत उन्हें छात्रावास छोड़कर परिसर के बाहर रहना पड़ सकता था.
छात्रों ने यह भी कहा कि इस तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई से उनके इंजीनियरिंग कोर्स के पूरा होने में सामान्य चार साल की अवधि से अधिक समय लग सकता था. विरोध कर रहे छात्रों का आरोप है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के संभावित नतीजों से जुड़े डर और दबाव ने छात्र की मौत में भूमिका निभाई हो सकती है. एक छात्र ने दावा किया कि इस वर्ष परिसर में इस तरह की कई घटनाएं घटित हुई हैं.

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प्रदर्शनकारियों ने संस्थान के प्रशासन से अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की. एक छात्र ने कहा, "हमारे विरोध प्रदर्शन का कारण यह है कि आज हमारे कॉलेज में एक आत्महत्या हुई है. इसीलिए हम विरोध करने और प्रशासन से जवाबदेही, पारदर्शिता और जवाब मांगने के लिए इकट्ठा हुए हैं."
आईआईटी बॉम्बे ने एक बयान में छात्र की मौत पर दुख जताया और कहा कि वह इस घटना से प्रभावित लोगों को मदद दे रहा है. संस्थान ने कहा कि वह इस दुखद घटना से प्रभावित छात्र के दोस्तों, सहपाठियों, फैकल्टी सदस्यों और अन्य लोगों को सहायता दे रहा है. साथ ही, संस्थान ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारी मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं.
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