ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में 15 जनवरी की रात इंजीनियर युवराज की कार एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के बेसमेंट में भरे पानी में गिर गई थी. करीब दो घंटे तक पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य बचाव दल की टीमें मौके पर मौजूद थीं, लेकिन युवराज को बचाया नहीं जा सका. मान लीजिए आप अंधेरी सड़क पर गाड़ी चला रहे हैं और अचानक आपकी कार फिसलकर किसी झील, नहर या बाढ़ग्रस्त खाई में गिर जाए तो आप क्या करेंगे. नोएडा के इंजीनियर के साथ हुए इस हादसे ने सभी को ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ऐसे हालात में किया क्या जाए. एक्सपर्ट बताते हैं कि युवराज की तरह अगर आपकी कार पानी में गिर जाए तो क्या करें, कैसे खुद को बचाने की कोशिश करें और कौन से काम बिल्कुल भी ना करें, सबकुछ डिटेल में जानें.
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जब भी कार पानी में गिरती है तो पानी तेजी से अंदर घुस जाता है. दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं और सब कुछ बेकाबू सा लगता है. किसी के लिए भी ये डरा देने वाला है. लेकिन जरूरी नहीं कि यह हालात जानलेवा ही हों. पानी में कार गिरने के बाद भी जिंदा रहना इस बात पर निर्भर करता है कि आप तुरंत क्या करते हैं. दरअसल ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं या गलत तरीके अपनाते हैं. कुछ बातों को ध्यान में रखकर आप सुरक्षित रूप से तैरकर बाहर निकल सकते हैं, चाहे आपको तैरना नहीं आता हो.
1-अपनी सीटबेल्ट खोलें
जैसे ही कार पानी में गिरे, अपनी सीटबेल्ट खोलें. बैलंस बनाए रखने या सिर में चोट लगने से बचने के लिए एक हाथ छत या स्टीयरिंग व्हील पर रखें. गहरी सांस लें और ध्यान केंद्रित करें. घबराहट को काबू में रखें.
2-तुरंत खिड़की खोलें
सहसे अहम कदम यही है कि कार की खिड़की तुरंत खोलें. साइड की खिड़कियों को तुरंत नीचे करने की कोशिश करें. पावर विंडो आमतौर पर टक्कर के बाद 30 से 60 सेकंड तक काम करती हैं. सभी साइड की खिड़कियों को जल्द नीचे करने की कोशिश करें. विंडशील्ड से बाहर निकलने की कोशिश बिल्कुल भी न करें. यह बहुत मजबूत होती है और इस हालात में इसे तोड़ना लगभग असंभव है.
3-अगर साइड की खिड़की नहीं खुले तो उसे तोड़ें
अगर साइड खिड़की नहीं खुल रही तो उसे तोड़ दें., बीच में नहीं बल्कि कोने पर निशाना लगाएं. साइड की खिड़कियां टूटना आसान होता है. आपके पास अगर खिड़की तोड़ने का कोई इमरजेंसी उपकरण है, तो उसे इस्तेमाल करें. अगर नहीं है, तो कार के अंदर जो भी मिले उसका इस्तेमाल करें.
4- कार से जल्दी बाहर निकलें
खिड़की खुलते या टूटते ही तुरंत बाहर निकलें. सिर के बल बाहर निकलें और खुद को कार से दूर धकेलें. पानी में उठने वाले बुलबुलों पर ध्यान दें, वे हमेशा ऊपर की ओर बढ़ते हैं. ध्यान रहे कि गाड़ी के पास न रहें. डूबती हुई कार आपको भी अपने साथ नीचे खींच सकती है.
5-अगर बच्चे साथ हैं तो क्या करें?
सबसे पहले अपनी सीट बेल्ट खोलें ताकि हिलना-डुलना आसान हो. फिर बच्चों की मदद करें, सबसे बड़े बच्चे से शुरू करें. खुद बाहर निकलने से पहले उन्हें खिड़की से बाहर धक्का दें.
6-अगर तैरना नहीं आता तो क्या करें?
जिसे तैरना नहीं आता उसके लिए सबसे बड़ा डर यही होता है. इस पर काबू पाना बहुत जरूरी है. ये बात ध्यान रखें कि जान बचाने के लिए तैरना आना ज़रूरी नहीं है. आपको बस पानी पर तैरना आना चाहिए. कार से बाहर निकलते ही उससे दूर हो जाएं, पानी के ऊपर रहने पर ध्यान दें. अपना सिर पीछे झुकाएं, हाथ-पैर थोड़े फैलाएं और धीरे-धीरे सांस लें. शांत रहने पर शरीर स्वाभाविक रूप से तैरने लगता है. घबराहट डूबने का सबसे बड़ा कारण बनती है.
7-तैरने के लिए किन चीज़ों का इस्तेमाल करें?
ऐसी कोई भी चीज़ ढूंढें जो हवा को रोक सके या पानी को सोख न सके. बैकपैक या हैंडबैग: इन्हें तकिए की तरह अपनी छाती से लगाएं. भीगे हुए बैग भी कुछ समय के लिए काम आ सकते हैं.
प्लास्टिक की पानी की बोतलें: खाली या सील बंद बोतलें बहुत अच्छी तरह तैरती हैं. एक या एक से ज़्यादा बोतलें अपनी छाती से लगाकर रखें.
कार की सीट के कुशन या हेडरेस्ट: ये फोम से बने होते हैं और आमतौर पर तैरते हैं.
टायर या ट्यूब: अगर कोई ढीला टायर हो तो उसे पकड़ लें और उससे अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को सहारा दें.
कोई भी खोखला डिब्बा: लंच बॉक्स या सीलबंद डिब्बे भी काम आ सकता है.
कौन सी गलतियां होती हैं जानलेवा?
लोग अक्सर दरवाजा खोलने, अपना फोन पकड़ने या पानी के बढ़ने का इंतजार करते हैं. कुछ लोग घबराकर हाथ-पैर मारते हैं, जिससे उनकी एनर्जी बर्बाद होती है. ऐसे हालात में ये कुछ सेकंड बहुत मायने रखते हैं.
याद रखने वाली आखिरी बात
पानी में डूबती कार से बचने के लिए ताकत, तैरने का बहादुरी की जरूरत नहीं बल्कि शांत रहने, तेजी से काम करने और सही क्रम का पालन करने की जरूरत है.
कार पानी में गिरने पर क्या होता है?
कार पानी में गिरते ही आमतौर पर तुरंत नहीं डूबती. कुछ समय के लिए, अक्सर एक मिनट से भी कम समय के लिए तैरती है. इस दौरान, दरवाजों के आसपास पानी का दबाव बढ़ता है, जिसकी वजह से उसे खोलना बहुत मुश्किल हो जाता है. हालांकि, इलेक्ट्रिकल सिस्टम कुछ समय के लिए काम कर सकता है, जिसका मतलब है कि खिड़कियां अभी भी खुल सकती हैं. कम समय जरूर है लेकिन बचने के लिए अच्छा मौका होता है.
इस दौरान सबसे पहले सीटबैल्ट खोलना न भूलें. खिड़की खुली या टूटी हो तो पहले बच्चों को बाहर निकालें. अगर आप दरवाजा खोलने की कोशिश करेंगे या कार में पानी से भरने का इंतजार करेंगे तो गलत होगा.
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