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2 साल पहले भागी थी पत्नी, अब वोट डालने पहुंची, 5 घंटे से घात लगाए पति ने बाल खींच दबोचा

Bengal Election: शख्स ने सीएपीएफ से मांग की कि जब तक उसका नाम महला के ईपीआईसी कार्ड से पति के रूप में नहीं हटा दिया जाता, तब तक उसे वोट न डालने दिया जाए. लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने ऐसा करने से मना कर दिया.

2 साल पहले भागी थी पत्नी, अब वोट डालने पहुंची, 5 घंटे से घात लगाए पति ने बाल खींच दबोचा
बंगाल के मतदान केंद्र पर हुआ फेमिली ड्रामा. (AI फोटो)
  • पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में मतदान केंद्र पर दो साल पहले भागी पत्नी को पति ने मतदान के दौरान पकड़ा
  • पति ने पत्नी के वोटर कार्ड छीनने, बाल खींचने और उसे पकड़ने की कोशिश की, जिसके बाद सीएपीएफ ने हस्तक्षेप किया
  • महिला दो साल पहले किसी और के साथ भाग गई थी और पति ने वोटिंग के दौरान उसे रोकने के लिए घंटों इंतजार किया था
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कोलकाता:

पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग के दौरान सिलीगुड़ी के एक मतदान केंद्र का नजारा कुछ अलग ही था. एक शख्स दो साल पहले किसी और के साथ भागी अपनी पत्नी को रोकने के लिए पांच घंटे तक इंतजार करता रहा. दोपहर 2 बजे, एक महिला अपनी वोटर स्लिप और ईपीआईसी कार्ड के साथ पोलिंग बूथ पहुंची.  घाच लगाए बैठा शख्स तुरंत हरकत में आया और उस पर झपट पड़ा. उसने महिला का वोटर कार्ड छीनने की कोशिश की, उसके बाल खींचे और पीछे से उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया. दोनों के बीच हाथापाई हुई, तभी सीएपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और महिला को छुड़ाकर लगातार चिल्ला रहे और गाली-गलौज कर रहे उस शख्स को काबू में किया.

मतदान केंद्र पर पत्नी से मारपीट

घटना सिलीगुड़ी उपमंडल के मतिगारा-नक्सलबारी विधानसभा क्षेत्र के फांसिदेवा के ताराबारी में बूथ संख्या 25/238 की है. वाहां पर ऐसा ड्रामा हुआ कि लोग देखते रह गए. बात में पता चला कि शख्स उस महिला का पति है. महिला 2 साल पहले किसी और के साथ भाग गई थी. वह किसी और के साथ भागी अपनी पत्नी को रोकने के लिए घंटों मतदान केंद्र के बाहर उसका इंतजार कर रहा था. उसको पहले से ही अंदेशा था कि वह वोट डालने जरूर आएगी. हुआ भी कुछ ऐसा ही. 

वोट डालने पहुंची थी 2 साल पहले भागी पत्नी

दोपहर 2 बजे, एक महिला वहां पहुंची. वह तुरंत उस पर झपट उठा. बाद में पता चला कि वह महिला तो उसकी पत्नी थी. दो साल पहले वह अपने साथी के साथ भाग गई थी. उसने सोचा था कि SIR प्रक्रिया, जिसकी वजह से वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने को लेकर लोगों में चिंता थी. उसे मतदान केंद्र पर आने के लिए मजबूर कर देगी. शख्स ने सीएपीएफ से मांग की कि जब तक उसका नाम महला के ईपीआईसी कार्ड से पति के रूप में नहीं हटा दिया जाता, तब तक उसे वोट न डालने दिया जाए. लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने ऐसा करने से मना कर दिया. वोट डालने के बाद महिला को वहां से बाहर ले जाया गया.

उसका पति बहुत गुस्से में था. मतदान केंद्र से बाहर निकलते ही वह सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों को गालियां देने लगा. ये तमाशा देखकर अधिकारी भी अपनी हंसी नहीं रोक सके. वहां मौजूद मतदान अधिकारी ने कहा कि 26 साल की चुनाव ड्यूटी के दौरान उसने पहली बार ऐसा नजारा देखा है. 

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