अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच तेज है। राज्य सरकार की ओर से इस केस की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है और कई लोगों से पूछताछ चल रही है। इस पूरे प्रकरण में यह बात भी सामने आई है कि रामलला की चरण पादुका और हार भी गायब हैं और अब तक उनकी कोई अपडेट नहीं मिल पाई है। इसके अलावा किसी पदाधिकारी के पास उसकी पावती रसीद भी नहीं मिली है, जिससे स्पष्ट हो सके कि आखिरी बार वे किसके पास थे। पूछताछ में सामने आया है कि चरण पादुका और हार को गलाकर सोने की ईंट बनाने की तैयारी थी।
ऐसे में यह सवाल भी स्वाभाविक है कि आखिर चरण पादुका और हार को गलाकर सोने की ईंट बनाने की तैयारी क्यों थी। इसके अलावा चरण पादुका और हार को किसने दान किया था। इस संबंध में जानकारी मिली है कि गुजरात के जाने-माने कारोबारी मुकेश पटेल ने 4 जून 2025 को मुकेश पटेल ने इन्हें दान किया था। रामलला को चरण पादुका और हार की भेंट अकसर श्रद्धालु करते रहते हैं। ऐसे में सोने की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में जेवरातों को गलाकर ईंट बनाया जाता है। इस मामले में भी ऐसा होना था।
चरण पादुका और जेवरात को गलाकर क्यों बनाना था ईंट
सूत्र ने बताया कि सोने की अधिकता के कारण ईंट बनाने की तैयारी थी ताकि छोटे-छोटे जेवरात गायब न होने पाएं। इसी क्रम में इन्हें सौंपा गया था, लेकिन अब इनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। सूत्र ने बताया कि यह मसला चर्चा में इसलिए आया क्योंकि मुकेश पटेल ने प्रकट रूप में दान किया था। वहीं बड़ी संख्या में लोग गुप्त दान करते रहे हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर गुप्त दान के तौर पर आए सोने और चांदी के जेवरातों को लेकर भी सवाल उठता है। बता दें कि SIT ने गुरुवार को इस मामले में गोपाल राव और टिन्नू यादव से पूछताछ की है।
सीसीटीवी, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की हो रही पड़ताल
खबर यह भी है कि राममंदिर के पुजारी से भी हीरा जड़ित हार और चरण पादुका के बारे में पूछा गया है। पुजारी ने बताया कि हार और चरण पादुका भगवान को पहनाने के बाद टिन्नू यादव को वापस कर दिया था। फिर जब टिन्नू यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इन्हें गलाकर सोने की ईंट बनाने की बात हुई थी। फिर आभूषण रखने वाले कृष्ण देव तिवारी से पूछा गया तो कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई। इनको गलाकर बनाई गई कोई सोने की ईंट नहीं मिली और ना ही कोई पावती रसीद मिल पाई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और संबंधित दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं