- हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में लंबे ड्राई स्पेल के बाद धौलाधार पर्वतमाला में पहली बर्फबारी हुई है
- बारिश और बर्फबारी से कांगड़ा जिले के पर्यटन उद्योग और किसानों को राहत मिली है
- शिमला और मनाली में भी इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई जिससे सड़कें और पहाड़ पूरी तरह से सफेद हो गए हैं
हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई. लंबे ड्राई स्पेल के बाद आखिरकार बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो ही गया. कांगड़ा ज़िला की धौलाधार की पहाड़ियां पूरी तरह से बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं. देखकर ऐसा लग रहा है कि मानो कांगड़ा को किसी ने चांदी का चमकदार मुकुट पहना दिया हो. वहीं जम्मू-कश्मीर भी इन दिनों बर्फ से गुलजार है. माता वैष्णो देवी मंदिर सहित जम्मू क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई मध्यम से भारी बर्फबारी हो रही है.
हिमाचल प्रदेश में लंबे सूखे के बाद अब बारिश और बर्फबारी शुरू हो गई है। कांगड़ा की धौलाधार पहाड़ियां फिर से बर्फ से ढक गई हैं, जिससे पर्यटन कारोबारियों, किसानों और बागवानों को बड़ी राहत मिली है।#HimachalPradesh | #Snowfall pic.twitter.com/LYLeQ1XJHt
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धौलाधार में सीजन की पहली बर्फबारी
हिमाचल का कांगड़ा जिला इसी धौलाधार के आंचल में बसा हुआ है. लंबे समय से यहां के लोग बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे. दिसंबर र जनवरी भ लगभत निकल गया. पर्यटकों की आंखें पहाड़ों की बर्फबारी देखने को तरस गईं क्रिसमस से लेकर नया साल तक, बिना बर्फबारी के सबकुछ सूना सा रहा. लेकिन अब कुदरत ने अपनी रहमत बरसा दी है. बर्फबारी से पहाड़ गुलजार नजर आ रहे हैं.
#WATCH शिमला, हिमाचल प्रदेश | शहर में बर्फबारी हो रही है, पर्यटक बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं। pic.twitter.com/xwVrdXW5H8
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बर्फबारी से गुलजार हुए सूखे पहाड़
बर्फबारी नहीं होने की वजह से पर्यटक भी यहां का रुख करने से कतरा रहे थे. क्यों कि मैदानी इलाकों से पर्यटक बर्फ से ढके सफेद पडाड़ देखने ही आते हैं. जिस धौलाधार पर्वत शृंखला पर बारह महीने बर्फ रहती थी वो पहाड़ बिना बर्फ सुने हो गए थे. अब कांगड़ा दिले में बर्फबारी होने से पर्यटन से जुड़े कारोबारियों ने राहत की सांस ली है. वहीं किसानों और बागवानों के चहरे भी खुशी से खिल गए हैं.
#WATCH | मनाली, हिमाचल प्रदेश: मनाली के SDM रमन कुमार शर्मा ने कहा, "बर्फबारी का दौर शुरू हुआ है। मनाली में पिछले 5-6 घंटे से लगातार बर्फ गिर रही है। मार्गों से बर्फ को हटाने का काम जारी है। पर्यटकों या स्थानीय लोगों को हिदायत दी गई है कि गैर जरूरी यात्रा करने से बचें और समय-समय… pic.twitter.com/qn7ZYpUnF2
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बारिश से खिल उठे किसानों के चेहरे
कांगड़ा जिले में ज़िला में अक्टूबर महीने के बाद से बरसात नहीं हुई थी, जिसकी वजह से फसलों को नुक़सान होना शुरू हो गया था. दरअसल इलाक़े में किसान बारिश पर निर्भर रहते हैं. अब न सिर्फ किसान बल्कि पर्यटन से जुड़े लोग भी सफेद चांदी जैसी बर्फ गिरने से काफी खुश हैं. कांगड़ा तो खिल गया लेकिन लाहौल स्पीति के ऊंचे इलाकों में अभी तक तेज बर्फबारी का इंतजार हो रहा है. उम्मीद है कि यहां पर रौनक भी जल्द लौटेगी.
शिमला और मनाली में भी छाई सफेदी
शिमला और मनाली में भी शुक्रवार को इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई. इससे सड़कें और पहाड़ पूरी तरह से सफेद हो गए. बर्फ से ढके नजारों का मजा लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक भी यहां पहुंचे हैं. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, "शिमला और इसके आसपास के इलाकों में सुबह से बर्फबारी हो रही है. यह शिमला शहर में इस मौसम की पहली बर्फबारी है." शिमला में बर्फीले नजारे एक-दो दिन तक रहेंगे. अधिकारी ने बताया कि लाहौल-स्पीति, चंबा, कुल्लू, किन्नौर, सिरमौर, मंडी और शिमला जिलों के ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी हो रही है.
जम्मू-कश्मीर का भी बर्फ से बुरा हाल
वहीं जम्मू-कश्मीर भी इन दिनों बर्फ से गुलजार है. माता वैष्णो देवी मंदिर सहित जम्मू क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई मध्यम से भारी बर्फबारी के कारण कई अहम सड़कों को यातायात के लिए बंद करना पड़ा। इसकी वजह से हवाई और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि पुंछ और उधमपुर जिलों के बर्फ से ढके इलाकों से 100 से अधिक फंसे हुए लोगों को बचाया गया. वहीं, जम्मू शहर सहित मैदानी इलाकों में मध्यम बारिश हुई, जिससे दो महीने से अधिक समय से जारी शुष्क मौसम खत्म हो गया

अधिकारियों ने बताया कि मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार बृहस्पतिवार देर शाम अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में तेज हवाओं के साथ बर्फबारी शुरू हुई.जम्मू शहर सहित मैदानी इलाकों में रात भर रुक-रुक कर बारिश होती रही. रामबन, डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, राजौरी, रियासी, उधमपुर और कठुआ जिलों के ऊचांई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी जारी है.
कई इलाकों में कुछ इंच से लेकर दो फीट से अधिक तक बर्फबारी हुई. अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर के आखिरी सप्ताह में ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ था। हालिया बारिश से लोगों, विशेषकर किसानों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिली और क्षेत्र में शुष्क मौसम खत्म हो गया.
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