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पालतू कुत्ते के साथ ट्रैक पर निकले थे दोनों भाई, बर्फीले तूफान में मौत से पहले क्या हुआ था?

दोनों लड़कों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद रविवार दोपहर बाद आर्मी भी इस सर्च ऑपरेशन में शामिल हो गई. दो हैलीकॉप्टर 4 बजे के बाद भरमौर पंहुचे पर उनका कोई सुराग हाथ नहीं लगा. सेना के जवानों के साथ SDRF की टीम व स्थानीय युवाओं ने भी सर्च आपरेशन में हिस्सा लिया.

पालतू कुत्ते के साथ ट्रैक पर निकले थे दोनों भाई, बर्फीले तूफान में मौत से पहले क्या हुआ था?

हिमाचल प्रदेश चंबा जिले के भरमौर में हुई बर्फबारी के दौरान एक पालतू कुत्ते ने वफादारी की एक ऐसी मिसाल कायम की है, जिसकी तारीफ अब हर कोई कर रहा है. इस कुत्ते ने भारी बर्फबारी के बीच चार दिनों तक अपने मृत मालिक के शव को अकेला नहीं छोड़ा. वह भारी बर्फबारी के बीच भी वहीं रुका रहा. दरअसल, भरमौर के भरमानी मंदिर के पास विक्षित राणा और पीयूष नाम के दो युवक लापता हो गए थे. बाद में पता चला कि भीषण ठंड में बर्फ में फंसने से उनकी मौत हो गई. चार दिन बाद जब बचाव दल और स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर हर कोई भावुक हो गया. उन्होंने देखा कि वह कुत्ता उनके शव के पास ही खड़ा है. इसके बाद इस कुत्ते की वफादारी की इस कहानी के बारे में सबको पता चला. आज हम आपको आखिर बर्फीले तूफान के दौरान क्या कुछ हुआ था उसके बारे में बताने जा रहे हैं. 

ग्रामीण बताते हैं कि भारी बर्फबारी होने से पहले ही 22 जनवरी को विक्षित राणा (19) और दूसरा पीयूष (12) जो विक्षित राणा का ममेरा भाई था, भरमाणी माता के जंगलों में ट्रैकिंग, वीडियोग्राफी और फोटो सूट करने के लिए ऊपरी धार पर टैंट लगाकर रुके थे. गुरुवार की रात  आए तूफान से उन के टैंट उड़ गए और उन्हें जान बचाने के लिए रात में भी वहां से भागना पड़ा. इस दौरान वो भारी बर्फबारी में फंस गए. एकाएक तापमान आई गिरावट और ठंडी हवाओं की चपेट में आने से पहले  व पहले ठंड के चपेट में पीयूष की मौत हो गई. शुक्रवार को उन्होंने अपने घर वालों से संपर्क किया था और बर्फीले तूफान से बचाने की गुहार लगाई थी. पर शुक्रवार, शनिवार से लगातार चल रहें सर्च ऑपरेशन के बावजूद भी उनका कोई पता नहीं चल सका. परिजनों का कहना है कि विक्षित राणा ने शुक्रवार की शाम को घर पर आखिरी बार फोन किया था. उस दौरान उनसे बताया था कि उनके मोबाइल फोन स्विच ऑफ होने वाले हैं. 

दोनों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद रविवार दोपहर बाद आर्मी भी इस सर्च ऑपरेशन में शामिल हो गई. दो हैलीकॉप्टर 4 बजे के बाद भरमौर पंहुचे पर उनका कोई सुराग हाथ नहीं लगा. सेना के जवानों के साथ SDRF की टीम व स्थानीय युवाओं ने भी सर्च आपरेशन में हिस्सा लिया. जब तमाम कोशिशों के बाद भी दोनों का कुछ पता नहीं चला तो रविवार को सेना के हैलीकॉप्टर वापस लौट गए.सोमवार को फिर से दोनों हैलीकॉप्टर सुबह ही 8 बजे के करीब भरमौर पंहुचे. इन दोनों हेलीकॉप्टर से भी रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया.स्थानीय लोगों को भी भरमौर हैलीपेड से साथ लिया गया. इस ऑपरेशन में विनी कपूर व अजय घराटी ने आर्मी के जवानों व SDRF के जवानों को लोकेशन बताने में अहम भूमिका निभाई.

भरमाणी माता धार पर सबसे पहले रैस्कयू टीम को उतारा गया,और विनी कपूर व अजय घराटी ने उनकी लोकेशन को ढूंढने में जवानों की मदद की.  जिससे सबसे पहले उन्होंने उनके टैंट, स्लीपिंग बैग व अन्य सामान को ढूंढ निकाला. इसके बाद निचे उतरने पर पीयूष का शव बरामद हुआ व उसके साथ विक्षित राणा का पालतू पैटवुल कुत्ता भी मिला. जब जवानों ने पीयूष के शव को निकालने की कोशिश की तो कुत्ता उन्हें हाथ नहीं लगाने दे रहा था, इतनी कडकडाती ठंड में वो भूखा प्यासा 4 दिन मानों उसकी रक्षा कर रहा था.कुत्ते को कुछ खाना खिलाने के बहाने शव से थोड़ी लेकर जाया गया और फिर शव को रेस्क्यू कर भरमौर हेलीपैड भेजा गया.  

उसके बाद विक्षित राणा की लोकेशन ट्रैक की गई.  आर्मी के जवानों ने विक्षित राणा के शव को कूई के जंगलों में गहरी खाई में बरामद किया गया. दोपहर बाद विक्षित राणा का शव भी हैलीकॉप्टर द्वारा भरमौर हैलीपेड लाया गया जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई विक्षित राणा को प्रोफेशनल ट्रैकिंग का शौक  रखता था व वो विडियो शूट कर व्लाग भी अपनी आईडी पर बनाता था,पिछले वर्ष उसका जनवरी माह में भरमाणी माता कुंड में नहाते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. (इनपुट सुभाष महाजन का है)

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