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भारत में 47 डिग्री वाली गर्मी के बीच लू का टॉर्चर, किस उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा, आंकड़ों में जानें

Heatwave Alert: मई महीना बीतने में सिर्फ 4 दिन बाकी बचे हैं. लेकिन गर्मी से हाल बहुत बुरा है. लू की वजह से होने वाली मौतों को लेकर चेतावनी जारी कर दी गई है. जानें किस उम्र के लोगों को लू और उससे होने वाली मौत का सबसे ज्यादा खतरा होता है.

भारत में 47 डिग्री वाली गर्मी के बीच लू का टॉर्चर, किस उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा, आंकड़ों में जानें
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 29 मई से तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने का पूर्वानुमान जताया है.
  • उत्तर और मध्य भारत समेत पूरे देश में भीषण गर्मी और लू के कारण तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है
  • भारतीय मौसम विभाग ने लू और गर्मी से होने वाली बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए चेतावनी जारी की है
  • 2024 में लू लगने से 1832 मौतें हुईं जो पिछले दो दशकों में सबसे अधिक वार्षिक मौतों में से एक है

Heatwave Alert In India: उत्तर और मध्य भारत समेत पूरा देश इन दिनों भीषण गर्मी और लू से जूझ रहा है. नौतपा के बीच झुलसाने वाली गर्मी और गर्म हवाओं की वजह से पारा इतना हाई है कि मौत तक का खतरा बढ़ गया है. मिडिल और नॉर्थ-वेस्ट भारत के बड़े हिस्से में इन इनों  लू से हालात बहुत खराब हैं. कुछ क्षेत्रों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि ये स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिसकी वजह से लू लगने और अन्य गर्मी संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा.

मौसम विभाग ने ये चेतावनी लू लगने से होने वाली मौतों में हुई बढ़ोतरी के मद्देनजर जारी की है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो डेटा के मुताबिक, भारत में 2024 में लू लगने से 1,832 मौतें हुई थीं, जो कि दो दशकों से ज्यादा समय में सबसे ज्यादा सालाना मौतों सें से एक हैं. यह आंकड़ा साल 2015 के बाद दूसरे नंबर पर है, जब बहुत ज्यादा गर्मी की वजह से 1,908 लोगों की जान गई थी. 

कोरोना महामारी के दौरान लू से हुईं कम मौतें

कोरोना महामारी के दौरान गर्मी से होने वाली मौतों में गिरावट दर्ज की गई थी. साल 2021 में लू लगने से होने वाली मौतों की संख्या घटकर 374 रह गई थी. अब एक बार फिर से यह आंकड़ा बढ़ रहा है. जो इस बात को रेखांकित करता है कि लंबे समय तक ज्यादा तापमान के संपर्क में रहना कितना घातक हो सकता है.

लू से किस उम्र के लोगों को ज्यादा खतरा?

2024 के आंकड़ों से पता चला है कि लू लगने से होने वाली मौतें जेंडर के लिहाज से एक समान नहीं थीं. मरने वालों में सबसे ज्यादा पुरुष थे. लू का सबसे ज्यादा असर कामकाजी आयु वर्ग के वयस्कों पर देखा गया. लू की वजह से 30-44 साल की उम्र के 525 पुरुषों की मृत्यु हुई, जबकि 45-59 उम्र में यह संख्या और भी ज्यादा यानी 577 थी.

PTI फोटो.

PTI फोटो.

लू से इस उम्र की कम महिलाओं की हुई मौत  

लू की वजह से समान उम्र की कम महिलाओं की मौत हुई. इसका बड़ा कारण यह है कि 30 से 45 साल की उम्र के पुरुष बाहरी काम या शारीरिक रूप से कठिन नौकरियों में ज्यादा लगे होते हैं. बाहर रहने की वजह से वह लूव की चपेट में महिलाओं की तुलना में ज्यादा आते हैं. 

PTI फोटो.

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लड़कियों की तुलना में 18-29 साल के युवाओं की ज्यादा मौत

18-29 साल के 152 पुरुषों की लू और गर्मी की वजह से मौत हुई, जबकि इसी उम्र की 23 महिलाओं की लू से जान गई.  इससे पता चलता है कि शारीरिक गतिविधि का स्तर और धूप में ज्यादा समय बिताना गर्मी के जोखिम में अहम भूमिका निभाते हैं. 

लू से कब मिलेगी राहत?

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 29 मई के बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने का पूर्वानुमान जताया है. हालांकि इससे चिंता कम नहीं हो जाती.  जैसे-जैसे लू की घटनाएं ज्यादा और तेज हो रही हैं, लोगों को ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है. ज्यादा देर तक धूप में रहने वाले लोगों को खास तौर पर परेशानी झेलनी पड़ रही है. 

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