हरियाणा सरकार से 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में पंचकूला विजिलेंस थाने में मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में IDFC फर्स्ट बैंक के खिलाफ कार्रवाई की गई है. बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ IPC और BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.जांच एजेंसी ने बैंक अधिकारियों, पब्लिक सर्वेंट्स और साजिश में शामिल दूसरे कई लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
धोखाधड़ी के मामले में BNS की धारा 316(5) (आपराधिक विश्वासघात) और 318(4) (गंभीर धोखाधड़ी) भी लगाई गई है. इसके अलावा सरकारी धन को ट्रांसफर करने के लिए फर्जी दस्तावेज के आरोप में धारा 338 और 340(2) के तहत कार्रवाई की गई है.भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और BNS की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) को भी शामिल किया गया है.वहीं, इस मामले में हरियाणा विधानसभा पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता का बयान आया सामने.
हरियाणा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा 590 करोड रुपए को धोखाधड़ी मामले में दिए गए वक्तव्य पर भी प्रतिक्रिया दी है.उन्होंने कहा कि हमारी सरकार काफी पारदर्शिता से कार्य कर रही है. और जब भी इस तरह का कोई मामला सामने आता है तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस मामले में कार्रवाई करने के लिए एक बार भी हिचकिचाते नहीं है और साथ ही साथ जिन भी लोगों ने यह घोटाला किया है उनसे एक-एक पैसा वसूला जाएगा. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में कहा कि इस मामले में कोई भी चाहे वो बैंक कर्मचारी हो, निजी व्यक्ति हो या फिर कोई सरकारी अधिकारी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.प्रदेश के 2.80 करोड़ लोगों की मेहनत के पैसे की तरफ कोई आँख उठाकर भी नहीं देख सकता.
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