- धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में NEET री-एग्जाम की सुरक्षा और पारदर्शिता पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई.
- परीक्षा के दौरान कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने और जिलाधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए.
- परीक्षा केंद्रों पर सतर्कता बढ़ाने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए निगरानी जरूरी बताई गई.
NEET (UG) के रीएग्जाम को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें परीक्षा की सुरक्षा, पारदर्शिता और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई.
‘कोई चूक नहीं हो, पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा'
बैठक में धर्मेंद्र प्रधान ने निर्देश दिए कि पिछली परीक्षा में सामने आई सभी खामियों को पूरी तरह दूर किया जाए. उन्होंने कहा कि री-NEET परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और फुलप्रूफ तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए.
कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए. साथ ही सभी राज्यों में जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ समन्वय बैठकें करने को कहा, ताकि परीक्षा व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा सके.
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एग्जाम सेंटर पर सतर्कता बढ़ाने पर जोर
धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी से कोई समझौता न करने की बात कही. उन्होंने कहा कि हर स्तर पर सतर्कता बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे.
स्टूडेंट्स के लिए बेहतर सुविधाओं के निर्देश
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि परीक्षार्थियों के लिए पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. इसमें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए परिवहन, पीने के पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं शामिल हैं.
पारदर्शिता, सुरक्षा और सुविधाओं पर फोकस
सरकार का फोकस इस बार परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और बिना किसी बाधा के कराना है, ताकि छात्रों का भरोसा कायम रखा जा सके.
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21 जून को होगा पेपर
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET (UG) परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों में आ गई थी, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया. करीब 22 लाख अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े होने के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी. अब यह परीक्षा 21 जून को दोबारा कराई जाएगी, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच बेचैनी और बढ़ गई है.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बार परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाएगा. कड़े सुरक्षा इंतजाम, सख्त निगरानी और प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो और अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल किया जा सके.
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