NEET Paper Scam 2026 : अगर आप या आपके घर में कोई NEET की तैयारी कर रहा है तो परीक्षा के पहले “100 प्रतिशत असली पेपर.” के दावे वाला यह मैसेज Telegram ग्रुप में जरूर दिख जाएगा. यह मैसेज परीक्षा के कुछ दिन पहले से “कन्फर्म सेट” के विज्ञापनों और परीक्षा पेपर तक “सीधी पहुंच” के वादों के साथ टेलीग्राम के कई ग्रुप्स में आने लगते हैं.
आपको बता दें कि न सिर्फ 100 पर्सेंट दावे वाले मैसेज बल्कि वॉइस नोट्स भी भेजे जाते हैं. इस वॉइस नोट्स में खुद को अंदर का आदमी बताने वाले एडमिन भरोसा दिलाते हैं कि NEET का पेपर पहले ही लीक हो चुका है और सही कीमत पर खरीदा जा सकता है. “पेपर असली है.” इसके बाद शुरू होता है असली खेल.
जल्द ही, ग्रुप ग्राहकों द्वारा किए गए पेमेंट के स्क्रीनशॉट से भर जाता है. बैंक ट्रांसफर, UPI कन्फर्मेशन और धुंधली चैट बार-बार पोस्ट की जाती हैं ताकि विश्वसनीयता का भ्रम पैदा हो सके, मानो हर रसीद इस बात का सबूत हो कि लीक असली है और सौदा भरोसेमंद है.
लेकिन इस हड़बड़ी के बीच एक और खेल चलता है विरोधी ग्रुप्स को 'फर्जी' बताना. हर ग्रुप खुद को असली और दूसरे को धोखेबाज साबित करने में जुट जाता है. देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के नाम पर फैला यह एक ऐसा मायाजाल है, जो डर, उम्मीद और धोखे के दम पर फल-फूल रहा है.
CBI की रडार पर 'लीक नेटवर्क'NEET 2026 पेपर लीक ने हाल के वर्षों के सबसे बड़े परीक्षा घोटालों में से एक को जन्म दिया है, जिसमें केंद्र सरकार ने जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है. यह कदम तब उठाया गया जब बड़े पैमाने पर आरोप लगे कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था. तब से CBI ने देशव्यापी कार्रवाई शुरू की है, कई राज्यों में छापे मारे हैं और कोचिंग संचालकों, बिचौलियों और एग्जाम प्रोसेस से कथित तौर पर जुड़े व्यक्तियों सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
जांचकर्ताओं का दावा है कि लीक का यह नेटवर्क निजी कोचिंग सत्रों और हाथ से लिखे प्रश्न सेटों के ज़रिए काम करता था, जिसके बदले में भारी रकम ली जाती थी. गिरफ्तार किए गए लोगों में पुणे के केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी भी शामिल हैं, जिन्हें एजेंसी ने एक मुख्य साजिशकर्ता बताया है, जिसकी पहुँच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ज़रिए प्रश्न पत्र तक थी.
टेलीग्राम के बंद कमरों में 'डर का धंधा'इन सबके बीच, “NTA OFFICIAL CHENNAI” जैसे Telegram ग्रुप काम करते रहे, जो खबर सामने आने के बाद से चुप थे; NDTV ने इन ग्रुपों तक खास पहुंच बनाई. हालांकि NDTV इन पेमेंट के दावों को खुद से वेरिफाई नहीं कर पाया, लेकिन ये मैसेज साफ तौर पर चैनल के सब्सक्राइबर्स को NEET पेपर के बदले पेमेंट करने के लिए उकसाने के मकसद से बनाए गए थे.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कहा कि ये दावे फर्जी हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि ऐसे नेटवर्क डर और घबराहट का फायदा उठाकर कैसे काम करते रहते हैं. जांचकर्ताओं के सामने ऐसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म को ट्रैक करने की भी एक बड़ी चुनौती है.
NDTV से बात करते हुए एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा, “ये चैनल डर के सहारे चलते हैं और छात्र, जो ऐसी प्रतियोगी परीक्षाओं के भारी दबाव में होते हैं, इनका शिकार बन जाते हैं. ऐसे चैनलों को ट्रैक करना एक मुश्किल काम है क्योंकि वे VPN का इस्तेमाल करते हैं.
इसके अलावा, Telegram और दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों से संपर्क करना पड़ता है और ऐसे धोखेबाजों की पहचान उजागर करने के लिए जांचकर्ताओं को उन्हीं पर निर्भर रहना पड़ता है.”
किसी और की सजो हमें क्यों?इस बीच, दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर में, NEET की तैयारी कर रहे छात्र एक बार फिर परीक्षा देने को लेकर परेशान हैं. उनमें से एक ने कहा, “हमने पहले टेस्ट में बहुत अच्छा किया था. वह आसान था. इस बार वे इसे मुश्किल बना देंगे और हो सकता है कि हम इसे पास न कर पाएं. यह हमें बिना किसी गलती के मिली एक सामूहिक सजा जैसा लगता है.”
वहीं, एक और छात्र ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, “हर साल यह अफवाह उड़ती है कि पेपर लीक हो गया है. ये ग्रुप्स असली पेपर दे रहे हैं या स्कैम कर रहे हैं, यह तो नहीं पता, लेकिन सरकार और NTA को सोशल मीडिया पर निगरानी रखनी चाहिए ताकि किसी छात्र का भविष्य दांव पर न लगे.”
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं