- राबड़ी देवी बंगला विवाद मामले में CM सम्राट चौधरी ने पहली प्रतिक्रिया दी है
- सीएम ने कहा कि बिहार में राजतंत्र नहीं लोकतंत्र है और किसी की कोई बपौती नहीं होती
- सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को नसीहत देते हुए जनता की भलाई पर ध्यान देने को कहा
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास खाली करने के विवाद के मामले को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को पहली प्रतिक्रिया दी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह राजतंत्र नहीं, लोकतंत्र है. यहां किसी की कोई बपौती नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को मोह है. बेटा को अलग और माता को अलग घर चाहिए. जनता से कोई मतलब नहीं.
'मैं 10 साल अपने निजी घर में रहा'
शेखपुरा के बरबीघा प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि हमारे खिलाफ कार्रवाई हो रही है. लेकिन कभी किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती. उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा, "मैं पिछले 10 वर्षों में कई बार मंत्री और उपमुख्यमंत्री बना, गृह मंत्री भी बना, लेकिन सरकारी घर में नहीं रहा. अपने निजी आवास में रहा."
सीएम सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें कोई नोटिस नहीं गया, लेकिन वह मुख्यमंत्री पद से हटते ही सीएम आवास खाली कर दूसरे आवास में चले गए. लोकतंत्र में लोग उसे देखना चाहते हैं जो जनता के सेवक होते हैं. मैंने मुख्यमंत्री आवास के सामने लोक सेवक का आवास भी लिखवा दिया है.
#WATCH | Sheikhpura, Bihar: CM Samrat Choudhary says, "This is not a monarchy where you simply continue to reside in the house that has been allotted to you. Today, the house I currently inhabit is the eleventh residence I have been assigned. I utilise the space solely for the… pic.twitter.com/R5iejaHXci
— ANI (@ANI) June 2, 2026
'किसी की बपौती नहीं है'
उन्होंने कहा, "यहां किसी का बपौती नहीं होता है. यह राजतंत्र नहीं है कि जो आपको आवास मिला उसी में रहेंगे. मैं 1999 में मंत्री बना था, आज जिस घर में हूं, वह मेरा 11वां घर है. मैं तीन घर में स्वयं रहा, लेकिन अन्य घरों में मैंने कार्यालय चलाने का काम किया."
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को मोह है. बेटा को अलग और माता को अलग घर चाहिए. जनता से कोई मतलब नहीं. उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि हम लोग जनता के काम करने के लिए हैं. घर की चिंता छोड़ दीजिए. उन्होंने लोगों को भरोसा देते हुए कहा कि जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कहेंगे कि आपका काम समाप्त हो गया, तो मैं 24 घंटे के अंदर अपना झोला उठाकर अपने घर में चला जाऊंगा. सरकारी आवास में नहीं रहूंगा. हम लोग जनता की भलाई के लिए आए हैं, अपने कल्याण के लिए नहीं आए हैं। जनता की भलाई की चिंता करनी चाहिए.
बता दें कि सरकार ने 10 सर्कुलर रोड को खाली करने का नोटिस पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को दिया है. बदले में उन्हें 39, हार्डिंग रोड वाला बंगला अलॉट किया गया है. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला छोड़ने से इनकार कर दिया है. इसके बाद से इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने है.
(एजेंसी के इनपुट के साथ)
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