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100 फीसदी आटे का दावा, अंदर मामला कुछ और निकला, FSSAI ने बड़ी बिस्किट कंपनी को भेजा नोटिस

FSSAI Notice In SAJ Food Products: खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने SAJ Food Products को नोटिस भेजा है. क्योंकि बिस्कुट के पैकेट पर 100 प्रतिशत आटा लिखा था. लेकिन इसमें केवल 72 प्रतिशत ही आटा मिला है.

100 फीसदी आटे का दावा, अंदर मामला कुछ और निकला, FSSAI ने बड़ी बिस्किट कंपनी को भेजा नोटिस
बिस्किट कंपनी को FSSAI का नोटिस
नई दिल्ली:

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने मिलावट के मामले में बड़ा एक्शन लिया है. FSSAI ने बिस्कुट बनाने वाली कंपनी SAJ Food Products को नोटिस भेजा है. क्योंकि कंपनी ने बिस्कुट में 100 प्रतिशत आटा होने का दावा किया था. लेकिन जांच में केवल 72 प्रतिशत आटा ही बिस्कुट में मिला है. एक उपभोक्ता की शिकायत पर यह एक्शन लिया गया है. जिसमें कंपनी को नोटिस भेजकर 7 दिन में जवाब मांगा गया है. जांच के दौरान FSSAI ने और भी कई अनियमितताएं पाई हैं. ऐसे में FSSAI ने तुरंत निर्देश दिए हैं कि अब एड में 100 प्रतिशत आटे का दावा नहीं किया जाना चाहिए. 

ग्राहक गुमराह हो सकते हैं: FSSAI

FSSAI ने कहा कि SAJ Food Products की तरफ से बनाया जा रहा बिस्कुट का 100 प्रतिशत वाला दावा ग्राहकों को गुमराह कर सकता है. इसके अलावा नो एडेड शुगर का दावा भी भ्रामक पाया गया, क्योंकि उत्पाद में माल्टोडेक्सट्रिन और ग्लूकोज सिरप सॉलिड्स मौजूद हैं. 100 प्रतिशत आटे का दावा नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया, क्योंकि उत्पाद में आटे के अलावा अन्य सामग्री और एडिटिव्स भी हैं. 'ईट फिट डाइजेस्टिव' नाम के लिए वैज्ञानिक आधार की आवश्यकता बताई गई है, जैसा कि खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम 2018 में प्रावधान है.

7 दिनों में देना होगा जवाब

कंपनी को FSSAI की तरफ से 7 दिन का समय दिया गया है. सात दिन में स्पष्टीकरण देना होगा. अगर जवाब संतोषजनक नहीं होता है तो फिर फूड सेफ्टी एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है. क्योंकि गलत और भ्रामक दावे से ग्राहकों को पूरी संतुष्टि नहीं मिलती. जबकि वह सामान खरीदने के बाद खुद को ठगा महसूस भी करते हैं. लिहाजा यह एक्शन अहम माना जा रहा है. 

FSSAI भारत की एक सरकारी संस्था है जो खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी और सेफ्टी को भी कंट्रोल करती है. FSSAI यह भी देखती है कि बाजार में बिक रहा सामान फूड का सामान कितना सुरक्षित है और उसमें किसी तरह का कोई मिलावट तो नहीं है. अगर कोई कंपनी भ्रामक जानकारी देती है तो फिर उसके खिलाफ एक्शन लिया जाता है.

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