- कांग्रेस के पूर्व असम प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने अमित शाह से असम में राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की.
- बैठक में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, भाजपा के चुनाव प्रभारी बी.जे. पांडा और विधायक मानब डेका भी मौजूद थे.
- मानब डेका ने भूपेन बोरा को भाजपा के करीब लाने में निर्णायक भूमिका निभाई है और यह बैठक बंद कमरे में हुई.
असम की राजनीति में एक बड़े उलटफेर के संकेत देते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. इस महत्वपूर्ण बैठक की सामने आई तस्वीरों में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, भाजपा के चुनाव प्रभारी बी.जे. पांडा और लखीमपुर के भाजपा विधायक मानब डेका भी नजर आ रहे हैं.
माना जा रहा है कि मानब डेका ने ही बोरा को भाजपा के करीब लाने में निर्णायक भूमिका निभाई है. अमित शाह के साथ बंद कमरे में हुई इस चर्चा के बाद भूपेन बोरा ने स्पष्ट किया कि बैठक में राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से विमर्श हुआ है.

मुलाकात के बाद अपने बयान में भूपेन बोरा ने कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने अमित शाह को भरोसा दिलाया है कि 8 मार्च तक कांग्रेस के कई और कद्दावर नेता भाजपा का दामन थाम लेंगे. उन्होंने प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनका सम्मान तो करते हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनके चेहरे पर मुस्कान गायब थी, जो उनकी चिंता को दर्शाता है.
वहीं, गौरव गोगोई द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए बोरा ने कहा कि जो उन्हें कभी कांग्रेस का सबसे मजबूत स्तंभ बताते थे, आज वही उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस के राज्यसभा इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी में दल-बदल की परंपरा रही है और वे अब कई कांग्रेसी नेताओं को भाजपा के साथ जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
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