- दुष्यंत चौटाला ने हिसार में एक पुलिस अधिकारी द्वारा उन पर हमले का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है
- चौटाला ने बताया कि वह एसपी से मिलने जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश की और पिस्तौल तानी
- दुष्यंत चौटाला ने इस घटना की शिकायत एसपी से की है और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेता दुष्यंत चौटाला ने शुक्रवार को हिसार में एक पुलिस अधिकारी द्वारा उनपर हमले का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि जब वह जिला पुलिस प्रमुख से मिलने जा रहे थे, तब एक पुलिस वाहन ने उनका रास्ता रोक लिया, उन्हें टक्कर मारने की कोशिश की गई और उन पर पिस्तौल तान दी गई.
चौटाला ने कहा कि वह गुरुवार को गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में एक विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में जजपा से जुड़े छह लोगों की अनुचित गिरफ्तारी के मामले में हिसार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धांत जैन से मिलने जा रहे थे. वो जजपा की छात्र इकाई ‘इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन' (इनसो) के कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर हिसार पहुंचे थे.
जजपा नेता ने आरोप लगाया कि जब वह एसपी से मिलने लघु सचिवालय जा रहे थे, तब अपराध अन्वेषण एजेंसी (सीआईए) के सदस्यों ने उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और पिस्तौल तान दी. उन्होंने एसपी से मुलाकात कर घटना के संबंध में शिकायत दर्ज कराते हुए मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी को कार से बाहर निकलते ही उसे रोकते हुए देखा जा सकता है, इसके बाद पुलिसकर्मी मौके से फरार हो गया.
सोमवार तक नहीं हुई कार्रवाई तो जाएंगे अदालत- दुष्यंत चौटाला
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस मामले में शामिल इंस्पेक्टर के खिलाफ धारा 302 (हत्या) के तहत पहले से ही मामला दर्ज है. उसकी सुनवाई अप्रैल में होनी है, उसके खिलाफ और भी मामले लंबित हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ये नायब सैनी सरकार द्वारा रची गई एक सुनियोजित साजिश थी. सरकार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) का तबादला करना चाहिए और उचित कार्रवाई के लिए एडीजीपी रैंक के एक अधिकारी और गृह सचिव सहित एक जांच दल का गठन करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो हम सोमवार को इस मुद्दे पर अपनी आगे की रणनीति बनाएंगे. नायब सैनी सरकार को इस मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए. इसके अलावा, हमारी एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए. एसपी एक चोर है और वह डकैतों के गिरोह का सरगना है. मैंने इस मामले के संबंध में हिसार के आईजी (इंस्पेक्टर जनरल) से पहले ही बात कर ली है. मैं डीजीपी (डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस) से इस मामले की जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का आग्रह करूंगा.
इस मौके पर उन्होंने एसपी द्वारा कल जारी किया गया प्रेस नोट पढ़ा और उसकी सामग्री पर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि एसपी ने प्रभावी रूप से अपने ही लोगों को क्लीन चिट दे दी है. कल जारी किए गए प्रेस नोट में जिक्र घटनाक्रम संदेह के घेरे में है. एसपी ने मेरी शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है? मुख्यमंत्री को इस मामले की जांच का आदेश देना चाहिए, अन्यथा हम अपनी शिकायतें जनता और अदालतों दोनों के सामने रखेंगे.
इसे भी पढ़ें: दुष्यंत चौटाला की गाड़ी के आगे अड़ाई बोलेरो, फिल्मी स्टाइल में दबोचने की कोशिश गाड़ी से लटके पूर्व डिप्टी सीएम
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं