Iran US Tension: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु बातचीत में एक बार फिर तलवारें खिंच गई हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अपने परमाणु भंडार को अमेरिका को सौंपने पर राजी हो गया है, लेकिन ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि उसका यूरेनियम उसकी सरजमीं से बाहर कहीं नहीं जाएगा.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि ईरान अपना परमाणु सामान सौंपने के लिए तैयार है. सरकारी टेलीविजन पर बोलते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकई ने साफ तौर पर कहा, "ईरान का संवर्धित यूरेनियम कहीं भी ट्रांसफर नहीं किया जाएगा."
भारी मशीनरी के साथ होगी 'खुदाई': ट्रंप
रॉयटर्स से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दावे को दोहराया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर संवर्धित यूरेनियम को वापस निकालने का काम करेगा. ट्रंप के शब्दों में, "हम ईरान में बड़ी मशीनों के साथ जाएंगे और खुदाई शुरू करेंगे. हम उस सामग्री को वापस संयुक्त राज्य अमेरिका लेकर आएंगे."

उन्होंने यह भी दावा किया कि यह प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू होने वाली है. हैरानी की बात यह है कि ट्रंप ने किसी भी तरह के वित्तीय लेन-देन से इनकार किया है. उन्होंने साफ कहा, "इस सौदे में किसी तरह के पैसे का लेन-देन नहीं हो रहा है."
बातचीत में फंसा पेंच
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही इस बातचीत में यूरेनियम का भंडार सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है. अनुमान के मुताबिक, ईरान के पास 60% तक संवर्धित लगभग 900 पाउंड यूरेनियम है. वाशिंगटन का तर्क है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए यह सामग्री हटाना जरूरी है, जबकि तेहरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण नागरिक उद्देश्यों के लिए है.
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