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छात्रों की गूंज में राहुल परोस रहे झूठे और भ्रामक तथ्य...फैक्ट चेक वेबसाइट का दावा

राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रमों में किए गए दावों की जांच करने वाली 'झूठ की गूंज' वेबसाइट का दावा है कि उनके 40 में से 29 दावे गलत और 11 भ्रामक पाए गए.

छात्रों की गूंज में राहुल परोस रहे झूठे और भ्रामक तथ्य...फैक्ट चेक वेबसाइट का दावा
फाइल फोटो
PTI

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी क्या छात्रों के साथ अपनी संवाद श्रृंखला के कार्यक्रमों में भ्रामक तथ्य परोस रहे हैं? ये सवाल इसलिए क्योंकि राहुल के छात्र सम्मेलन छात्रों की गूंज के तर्ज पर शुरू हुई एक वेबसाइट 'झूठ की गूंज' में राहुल गांधी के भाषणों में किए गए दावों का फैक्ट चेक किया गया है और जो नतीजे आए उनके मुताबिक राहुल के 40 में से 29 दावे सरासर गलत पाए गए जबकि 11 दावों को भ्रामक बताया गया. 

वेबसाइट के फैक्ट चेक में क्या आया सामने

राहुल ने ये दावे कोटा, देहरादून, प्रयागराज और हाल ही में पुणे में हुए अपने छात्र सम्मेलनों में दिए भाषणों के दौरान किए थे. वेबसाइट का दावा है कि राहुल गांधी ने 4 रैलियों में 40 दावे किए लेकिन 134 सोर्स बताते हैं कि वे या तो झूठ थे या भ्रामक. जैसे ही ये वेबसाइट ऑनलाइन हुई और इसने राहुल के दावों का फैक्ट चेक किया, सोशल मीडिया पर नेता प्रतिपक्ष को निशाने पर लिया जाने लगा. 

वेबसाइट के मुताबिक राहुल ने सबसे ज्यादा जो दावा दोहराया वो था एक हजार मे सिर्फ 36 लोगों को स्थायी नौकरी मिलने का. वेबसाइट ने इसे अलग-अलग सरकारी आंकड़ों के जरिए राहुल के दावों को पूरी तरह से झूठ बताया. वहीं भारत में हर सौ में से एक महिला का बलात्कार होता है इसे भी राहुल का सबसे भ्रामक दावा बताया गया. ऐसा इसलिए क्योंकि 2024 के एनसीआरबी के डेटा के मुताबिक एक लाख महिलाओं में से औसतन 4.3 महिलाएं रेप का शिकार होती हैं. 

छात्रों के गूंज कार्यक्रम पर बीजेपी ने उठाए सवाल

गौरतलब है कि कांग्रेस के ये छात्र सम्मेलन अब तक चार शहरों में हो चुके हैं. इनकी शुरुआत कोटा राजस्थान में 17 जून को हुई. ये वही समय था जब नीट की परीक्षा के पेपर लीक का मुद्दा देश में छाया हुआ था. इसके बाद अगली कड़ी में राहुल गांधी 17 जुलाई को देहरादून में छात्र-छात्राओं से मिले. अगस्त में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी राहुल का छात्रों की गूंज कार्यक्रम हुआ. 8 अगस्त को राहुल प्रयागराज में तो 22 अगस्त को पुणे में छात्र-छात्राओं के साथ संवाद करते नजर आए. 

बीजेपी और एनडीए में उसके सहयोगी दल राहुल गांधी के इस छात्रों के गूंज पर सवाल उठाते रहे हैं. इनका कहा है राहुल गांधी कांग्रेस और अपने सहयोगी दलों शासित राज्यों के छात्रों की बात नहीं सुन रहे और झारखंड जैसे राज्य में जहां उनकी झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ साझा सरकार है वहां छात्रों लंबे समय तक धरना, अनशन करते रहे लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष वहां उनसे बात करने नहीं गए.

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