विज्ञापन

Explainer: सड़कों पर सबसे बुलंद, संसद में सबसे कमजोर; राजनीति में क्यों नहीं दिख रही भारत की 'जेन जी'?

भारत की लगभग एक तिहाई आबादी 'जेन जी' की है, लेकिन संसद और विधानसभाओं में उनके महज 26 जनप्रतिनिधि ही मौजूद हैं. 2029 तक यही पीढ़ी सबसे बड़ा वोटर समूह बनने जा रही है, लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व अब भी बेहद सीमित है.

Explainer: सड़कों पर सबसे बुलंद, संसद में सबसे कमजोर;  राजनीति में क्यों नहीं दिख रही भारत की 'जेन जी'?
देश में केवल छह 'जेन जी' सांसद
PTI
  • भारत की 25.8% आबादी 'जेन जी' है, लेकिन पूरे देश में इस पीढ़ी के महज 6 सांसद और 20 विधायक हैं.
  • 6 में से 5 'जेन जी' सांसद राजनीतिक परिवारों से हैं. जबकि 20 में से 12 विधायक गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से हैं.
  • 2029 तक 'जेन जी' सबसे बड़ा वोटर वर्ग बन जाएगा. इससे राजनीतिक दलों पर युवा नेतृत्व बढ़ाने का दबाव बढ़ सकता है.

आज देश में बड़े मुद्दे पर 'जेन जी' पीढ़ी मुखर प्रतिक्रिया दे रही है. हाल ही में पेपर लीक से लेकर रोजगार तक इस पीढ़ी के युवाओं ने सबसे आगे बढ़ कर अपना विरोध जताया, पर यह स्थिति तब बदल जाती है जब हम देश की संसद या राज्यों की विधानसभा की ओर एक नजर डालते हैं. यहां की तस्वीर वास्तविक भारतीय 'जेन जी' आबादी के उलट है.

देश की एक तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली 'जेन जी' की देश में संख्या 36.74 करोड़ है, लेकिन जब देश के आवाम के प्रतिनिधियों की सभा यानी संसद और विधानसभाओं की ओर देखें तो वहां कुल 26 विधायक और सांसद इस पीढ़ी से आते हैं. यानी लोकतंत्र में इस वक्त की सबसे मुखर पीढ़ी, प्रतिनिधित्व के मामले में सबसे पीछे है.

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: PTI

कौन है 'जेन जी'?

1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों को 'जेन जी' कहा जाता है. 2026 में इनकी उम्र लगभग 14 से 29 वर्ष के बीच है. 2011 की जनगणना के अनुसार तब देश की आबादी 142.6 करोड़ थी. तब 'जेन जी' की आबाद 36.74 करोड़ थी जो मूल आबादी में 25.8% की हिस्सेदारी रखते थे. 

हालांकि यह बता दें कि 25 वर्ष से कम आयु वाले चुनाव नहीं लड़ सकते. ऐसे में 25 साल से अधिक उम्र वाले 'जेन जी' की आबादी 8.9% होने पर भी लोकसभा में इस वर्ग के केवल 6 सांसद ही मौजूद हैं. हाल ही में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंता रेड्डी ने चुनावी मैदान में उतरने की उम्र सीमा को घटा कर 21 करने की वकालत की है ताकि 'जेन जी' का अधिक प्रतिनिधित्व हो सके.

'जेन जी' को चुनाव लड़ने का पहला मौका 2024 में मिला. इसके बावजूद उस चुनाव में उतरे कुल 8360 प्रत्याशियों में से केवल 98 यानी 1.2 फीसद उम्मीदवार ही 'जेन जी' पीढ़ी के मैदान में उतरे. इनमें से जीते भी केवल छह.

Sanjana Jatav

राहुल गांधी के साथ पोस्टर ठीक करतीं 'जेन जी' सांसद संजना जाटव (नीली साड़ी में)
Photo Credit: PTI

'जेन जी' सांसदों का परिचय

कांग्रेस की संजना जाटवः लोकसभा में जंतर मंतर पर छात्रों पर लाठी चार्ज और पैलेट गन चलाने के मुद्दों पर विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान काफी सुर्खियों में रही. वो इस प्रदर्शन में प्रियंका गांधी के पास खड़ी थीं, राहुल गांधी के साथ बैनर ठीक करती नजर आईं. जम कर नारेबाजी की. भरतपुर लोकसभा से सांसद हैं. कांग्रेस ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी है. उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का सचिव और मध्य प्रदेश का सह प्रभारी बनाया गया है.

समाजवादी पार्टी के पुष्पेंद्र सरोजः जंतर मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन में 20 द‍िनों तक डटे रहे. वो रांची में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन में भी सक्रिए हैं और वीडियो कॉल के जरिए उन छात्रों से जुड़े हुए हैं. ये राजनीतिक परिवार से आते हैं. इनके पिता इंद्रजीत सरोज सपा की ओर से यूपी में पूर्व मंत्री रह चुके हैं.

समाजवादी पार्टी की प्रिया सरोजः जंतर-मंतर पर ये भी पहुंचीं. हालांकि इन दिनों क्रिकेटर रिंकू सिंह की मंगेतर के रूप में चर्चा में रहती हैं. इनके पिता तूफानी सरोज सपा के वरिष्ठ नेता हैं. वह तीन बार सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में विधायक हैं. 

कांग्रेस के सागर खांद्रेः कर्नाटक के बीदर से सांसद बने. इनके पिता कांग्रेस की सरकार में मंत्री रह चुके हैं. 

कांग्रेस की प्रियंका सतीश जारकीहोलीः कर्नाटक के चिकोड़ी से सांसद बनीं प्रियंका लोकसभा 2024 की दूसरी सबसे युवा महिला सांसद हैं. ये अनारक्षित सीट से जीत हासिल करने वाली पहली आदिवासी महिला हैं. हालांकि इनका परिचय यह भी है कि ये सतीश जारकीहोली की बेटी हैं, जो कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस पार्टी के एक प्रमुख राजनेता हैं.

एलजेपी (रामविलास) की शांभवी चौधरीः बिहार के मंत्री अशोक चौधरी की बेटी और समस्तीपुर में सुरक्षित लोकसभा क्षेत्र से लोजपा (रामविलास) की सांसद है. उन्हें देश की सबसे युवा सांसद बनने का गौरव हासिल है. 

दिलचस्प बात यह भी है कि इन छह सांसदों में से चार महिलाएं हैं. चार ग्रेजुएट तो दो पोस्ट ग्रेजुएट हैं. वहीं तीन ने वकालत तो एक एमबीए हैं. यानी शिक्षा के लिहाज से ये 'जेन जी' समूह काफी मजबूत माना जा सकता है. लेकिन इन छह सांसदों से से पांच राजनीतिक परिवारों से आते हैं. सिर्फ संजना जाटव ऐसी सांसद हैं जिनका कोई बड़ा राजनीतिक पारिवारिक बैकग्राउंड नहीं है.

ये भी पढ़ें: दुनिया की सबसे बड़ी 'जेन जी' आबादी भारत में, पर सबसे युवा वोटर नहीं; क्या कहते हैं आंकड़े?

टीवीके की सबसे युवा जेन जी विधायक एस कीर्तना शिवकाशी विधानसभा सीट से चुनी गईं

टीवीके की सबसे युवा 'जेन जी' विधायक एस कीर्तना शिवकाशी विधानसभा सीट से चुनी गईं
Photo Credit: NDTV

राज्य विधानसभाओं में भी तस्वीर अलग नहीं

देश के 28 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में कुल विधायक 4131 हैं. इनमें से 'जेन जी' विधायक केवल 20 हैं. अगर प्रतिशत में देखें तो यह संख्या 0.5 फीसद के करीब है. इन 20 में से सबसे अधिक चार 'जेन जी' विधायक तमिलनाडु में हैं. पश्चिम बंगाल, बिहार, मेघालय और तेलंगाना का नंबर इसके बाद आता है. 

पार्टीवार देखें तो इनमें से बीजेपी के पांच, कांग्रेस के चार और टीवीके के तीन विधायक 'जेन जी' पीढ़ी से हैं. अन्य 7 क्षेत्रीय दलों से हैं तो एक निर्दलीय विधायक भी 'जेन जी' से हैं. 

इन 'जेन जी' विधायकों में काफी उत्साहवर्धक तस्वीर भी दिखती है. यह महिलाओं की मौजूदगी और 'जेन जी' विधायकों की शिक्षा को लेकर है. दरअसल, 20 में से 8 'जेन जी' विधायक महिलाएं हैं. साथ ही अगर 'जेन जी' विधायकों की शिक्षा की स्थिति देखें तो 16 ग्रेजुएट और 5 पोस्ट ग्रेजुएट हैं. सामाजिक विविधता के लिहाज से विधायकों का प्रतिनिधित्व बेहतर दिख रही है.

विधायकों के राजनीतिक परिवार से ताल्लुकात के बारे में 'जेन जी' सांसदों की तुलना में 'जेन जी' विधायकों की तस्वीर थोड़ी अलग है. 

20 विधायकों में से 12 ऐसे हैं जिनका कोई राजनीतिक परिवार से ताल्लुक नहीं है. इनमें डॉक्टर हैं, पत्रकार हैं, प्लेबैक सिंगर हैं, राजनीतिक सलाहकार हैं तो छात्र नेता भी रह चुके हैं.

अब अगर सिर्फ 'जेन जी' नहीं बल्कि 40 वर्ष तक के नेताओं को देखें तो लोकसभा में इस आयु वर्ग के 40 सांसद और देशभर में 397 विधायक हैं.

यानी राजनीति में युवा मौजूद हैं, लेकिन फिलहाल 'जेन जी' की संख्या बहुत कम है.

ये भी पढ़ें: Explainer: 'जेन जी' बनने जा रहा सबसे बड़ा वोटबैंक? क्या 2029 में बदल जाएगी भारत में चुनावी बिसात

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: PTI

2029 का चुनाव बदल सकता है तस्वीर

हालांकि जनसंख्या के अनुमान बताते हैं कि 2029 तक 'जेन जी' भारत का सबसे बड़ा वयस्क वोटर समूह बन सकता है. तब सबसे बड़ा वोट बैंक 'जेन जी' ही होगा.

अब जिस तरह से छात्र आंदोलन में युवाओं ने राजनीतिक भागीदारी बढ़ाई है. उन पर राजनीतिक दलों का फोकस बढ़ा है. राजनीतिक दल इन युवाओं खास कर 'जेन जी' को संगठन में अधिक जिम्मेदारियां देने लगे हैं. हालांकि चुनाव में टिकट और विधानसभा और संसद में प्रतिनिधित्व के स्तर पर यह बदलाव अभी बहुत धीमा है.

हालांकि, जनसंख्या के अनुमान के आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भारतीय राजनीति की तस्वीर अलग दिख सकती है क्योंकि तब 'जेन जी' बड़ा वोट बैंक होगा और ऐसे में उन्हें प्रतिनिधित्व के स्तर पर भी तरजीह दिया जाएगा.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Gen Z, Generation Z, Indian Parliament, Youth Representation In Indian Politics Gen Z, Political Representation
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com