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SIR पर कर्नाटक में घमासान, CM डीके शिवकुमार के धरने के बाद EC का बड़ा फैसला, फॉर्म-7 की होगी पड़ताल

कर्नाटक में सीएम डीके शिवकुमार के धरने के बाद चुनाव आयोग ने फॉर्म-7 के मुद्दे पर अहम निर्देश दिए हैं. अब कर्नाटक में बड़े पैमाने पर दाखिल हुए फॉर्म-7 की पड़ताल की जाएगी. डीके शिवकुमार अपने मंत्रियों के साथ धरने पर बैठे थे.

SIR पर कर्नाटक में घमासान, CM डीके शिवकुमार के धरने के बाद EC का बड़ा फैसला, फॉर्म-7 की होगी पड़ताल
धरने पर बैठे थे सीएम डीके शिवकुमार
  • कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार ने चुनाव आयोग के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया था.
  • उन्होंने फॉर्म-7 के जरिए बड़ी संख्या में वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया था.
  • चुनाव आयोग ने अब फॉर्म-7 से जुड़ी सभी निर्देशों के जांच के आदेश दिए हैं.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार गुरुवार को अपने कुछ मंत्रियों के साथ चुनाव आयोग के ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे थे. उन्होंने फॉर्म-7 के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था. जिसके बाद चुनाव आयोग ने अब इस मामले में सख्त निर्देश दिए हैं. कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग ने राज्य के सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को मामले की जांच करने,  फर्जी या जानबूझकर गलत आवेदन देने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. डीके शिवकुमार के प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे पर कर्नाटक से दिल्ली तक राजनीति गरमा गई थी. 

डीके शिवकुमार ने गड़बड़ी का लगाया आरोप

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अपने कई मंत्रियों के साथ ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन पर बैठे थे. जिसके बाद चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं फॉर्म-6, फॉर्म-6A और फॉर्म-7 के जरिए बड़ी संख्या में या गलत जानकारी के साथ आवेदन दाखिल किए जाने की शिकायतों की जांच की जाएगी. पूरे कर्नाटक में चुनाव आयोग की तरफ से इसकी जांच की जाएगी. 

क्या-क्या जांच करेगा चुनाव आयोग 

बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग ने डीके शिवकुमार को लिखित आश्वासन दिया है कि फॉर्म-7 से जुड़े सभी मामले की जांच की जाएगी.चुनाव आयोग ने साफ किया है किसी भी फॉर्म-7 जिसमें नाम हटाने के आवेदन पर सीधी कार्रवाई नहीं होगी. बल्कि बूथ स्तर के अधिकारियों को इसके निर्देश दिए हैं, जिसमें सभी घर-घर जाकर व्यक्तिगत रूप से सत्यापन करेगा. इसके अलावा अगर किसी ने जानबूझकर किसी वैध वोटर का नाम हटवाने के लिए फर्जी तरीके से फॉर्म-7 भरा होगा. तो उसके खिलाफ भी चुनाव आयोग सख्त कार्रवाई करेगा.

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क्या है फॉर्म-7 का इस्तेमाल 

दरअसल, चुनाव आयोग की तरफ से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चलाई जा रही है. जिसमें फॉर्म-7 का उपयोग भी अहम है. जिसका इस्तेमाल वोटर लिस्ट में किसी मौजूदा नाम को हटाने या किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है. सीएम डीके शिवकुमार का आरोप था कि इस फॉर्म का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें बिना किसी सत्यापन के कांग्रेस समर्थकों के नामों को सूची में से हटाया जा रहा है और बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 जमा हो रहे हैं. अब इसी पर चुनाव आयोग ने जांच के निर्देश दिए हैं.

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