विज्ञापन
This Article is From Mar 30, 2024

ईडी ने दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े मनी लॉड्रिंग मामले में पहला आरोप पत्र किया दाखिल

ED ने आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन के एक अन्य मामले में 21 मार्च को केजरीवाल को गिरफ्तार किया था.

ईडी ने दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े मनी लॉड्रिंग मामले में पहला आरोप पत्र किया दाखिल
नई दिल्ली:

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) में कथित अनियमितताओं से जुड़ी धनशोधन की जांच के सिलसिले में अपना पहला आरोपपत्र दाखिल कर दिया है. आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि संघीय एजेंसी ने 28 मार्च को दिल्ली में एक विशेष पीएमएलए (धनशोधन रोकथाम कानून) अदालत में करीब 8,000 पृष्ठों की अभियोजन शिकायत दर्ज करायी, जिसमें अनुलग्नकों के अलावा 140 पृष्ठ शामिल हैं. उन्होंने बताया कि अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के लिए एक अप्रैल की तारीख तय की है.

आरोपपत्र में चार व्यक्तियों तथा एक कंपनी को नामजद किया गया है, जो क्रमश: डीजेबी के पूर्व मुख्य इंजीनियर जगदीश कुमार अरोड़ा, ठेकेदार अनिल कुमार अग्रवाल, एनबीसीसी के पूर्व महाप्रबंधक डी के मित्तल, तेजिंदर सिंह और एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड हैं.

ईडी ने आरोप लगाया कि डीजेबी द्वारा दिए गए एक ठेके में भ्रष्टाचार के माध्यम से प्राप्त धन दिल्ली की सत्तारूढ़ पार्टी आम आदमी पार्टी (आप) को कथित तौर पर चुनावी फंड के रूप में भेजा गया था. एजेंसी ने इस मामले में पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी समन भेजा था, लेकिन वह उसके समक्ष पेश नहीं हुए थे.

ईडी ने आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन के एक अन्य मामले में 21 मार्च को केजरीवाल को गिरफ्तार किया था.

उसने फरवरी में जांच के सिलसिले में केजरीवाल के निजी सहायक विभव कुमार, ‘आप' के राज्यसभा सदस्य तथा कोषाध्यक्ष एन डी गुप्ता, डीजेबी के पूर्व सदस्य शलभ कुमार, चार्टर्ड अकाउंटेंट पंकज मंगल और कुछ अन्य के परिसरों की तलाशी ली थी.

ईडी का मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें तकनीकी पात्रता मानदंड पूरे नहीं करने पर भी डीजेबी की ओर से एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी को दिए गए 38 करोड़ रुपये के ठेके में अनियमितताओं का आरोप है.

इस मामले में ईडी ने 31 जनवरी को अरोड़ा और अग्रवाल को गिरफ्तार किया था.

जांच एजेंसी ने दावा किया कि एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने 'जाली' दस्तावेज जमा कर ठेका हासिल किया और अरोड़ा को इस तथ्य की जानकारी थी कि कंपनी तकनीकी पात्रता पूरी नहीं करती है.

दिल्ली की मंत्री आतिशी ने संवाददाता सम्मेलन में आरोपों से इनकार किया था और दावा किया था कि यह मामला ‘आप' और उसके नेताओं की छवि धूमिल करने का एक और प्रयास है.
 

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
ED, Money Laundering Case, Money Laundering Case Against Delhi Jal Board, Delhi Jal Board
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com