देश में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग कारोबार पर अब जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता नजर आ रहा है. ED ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Gameskraft Technologies Ltd और उससे जुड़ी कई कंपनियों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है. यह कार्रवाई देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज कई FIR के आधार पर की गई है, जिनमें धोखाधड़ी, लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने, मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.
ED के मुताबिक कंपनी ‘रम्मीकल्चर', ‘रम्मीटाइम' और अन्य ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म चला रही थी. इन ऐप्स और वेबसाइट्स के जरिए यूजर्स से पैसे लगवाकर गेम खिलाए जाते थे. आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का कारोबार किया गया और बड़ी संख्या में लोग आर्थिक रूप से बर्बाद हुए.
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कई पीड़ितों ने की आत्महत्या
जांच एजेंसियों का दावा है कि कई पीड़ितों ने भारी रकम गंवाने के बाद मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या तक कर ली. इन्हीं मामलों को लेकर अलग-अलग राज्यों में कंपनी और उसके संचालकों के खिलाफ कई FIR दर्ज हुई थीं.
ED सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में यह सामने आया कि गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को सिर्फ मनोरंजन के नाम पर चलाया जा रहा था, लेकिन असल में इनके जरिए बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हो रहा था. जांच एजेंसी अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए अवैध कमाई को अलग-अलग कंपनियों और खातों में घुमाकर सफेद बनाया गया.
17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए ED ने 7 मई 2026 को बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया. कर्नाटक और NCR क्षेत्र में कुल 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. ये ठिकाने गेम्जक्राफ्ट ग्रुप की कंपनियों, फाउंडर्स, वरिष्ठ कर्मचारियों और उनसे जुड़े लोगों के बताए जा रहे हैं. तलाशी के दौरान जांच एजेंसी को कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, फाइनेंशियल रिकॉर्ड, बैंकिंग डिटेल्स और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है.
ED ने इन सभी दस्तावेजों को कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है. सूत्रों के मुताबिक एजेंसी को ऐसे कई इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी मिले हैं जो कथित मनी ट्रेल और फंड ट्रांसफर को साबित कर सकते हैं.
तीनों फाउंडर्स गिरफ्तार
ED का कहना है कि अब तक जुटाए गए सबूतों और जांच के आधार पर यह पाया गया कि गेम्जक्राफ्ट ग्रुप के फाउंडर्स मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल थे. इसके बाद ED ने PMLA की धारा 19 के तहत कंपनी के तीन प्रमुख फाउंडर्स दीपक सिंह, पृथ्वी राज सिंह और विकास तनेजा को गिरफ्तार कर लिया.
जानकारी के अनुसार, दीपक सिंह और पृथ्वीराज सिंह को NCR क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद ED ने दोनों का ट्रांजिट रिमांड हासिल किया, ताकि उन्हें आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए बेंगलुरु की अदालत में पेश किया जा सके. वहीं, विकास तनेजा को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया और उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया है.
हर तरह के ट्रांजेक्शन, निवेश की जांच कर रही ईडी
सूत्रों के मुताबिक, ED अब कंपनी के बैंक खातों, निवेश, पेमेंट गेटवे, डिजिटल ट्रांजैक्शन और विदेशी लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऑनलाइन गेमिंग से कमाए गए पैसों को किन-किन रास्तों से ट्रांसफर किया गया और क्या इस पैसे को दूसरी कंपनियों या निवेश के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई.
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जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कंपनी के अलग-अलग ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स से होने वाली कमाई का असली स्रोत क्या था और क्या यूजर्स को गुमराह करके पैसा लगाया जा रहा था. ED इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिनमें कुछ कर्मचारी और बिजनेस सहयोगी भी एजेंसी के रडार पर बताए जा रहे हैं.
इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. पिछले कुछ सालों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां लोग ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी जैसे प्लेटफॉर्म्स में भारी रकम गंवाकर आर्थिक और मानसिक संकट में फंस गए. जांच एजेंसियों का मानना है कि कई कंपनियां गेमिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर पैसा जुटा रही हैं और इनके फाइनेंशियल मॉडल की गहराई से जांच जरूरी है. फिलहाल ED की जांच जारी है और एजेंसी आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या बड़े खुलासे कर सकती है.
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