कहते हैं सच कहने के लिए उम्र की नहीं, हौसले की जरूरत होती है. रांची के 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने इसे सच कर दिखाया है. सार्थक ने देश की सबसे बड़ी पार्लियामेंट्री कमिटी के सामने CBSE के OSM (On-Screen Marking) सिस्टम और टेंडर प्रक्रिया की कमियों का पर्दाफाश किया. इसके बाद केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए CBSE के डायरेक्टर और सचिव को पद से हटा दिया है. NDTV की एक्सक्लूसिव पड़ताल में सामने आया है कि कैसे चंद रुपये बचाने के लिए लाखों बच्चों के भविष्य को दांव पर लगा दिया गया. टेंडर के नियम बदलकर एक ऐसी कंपनी को ठेका दिया गया, जिसके पास इस काम का अनुभव ही संदिग्ध था. इतना ही नहीं, एथिकल हैकर तीर्थ परमार ने भी खुलासा किया है कि CBSE का डेटा और बच्चों की कॉपियां साइबर सुरक्षा के मामले में कितनी कमजोर और एक्सपोज्ड थीं.