- चर्चित आर्थिक भगोड़े संजय भंडारी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय को अदालत में बड़ी कामयाबी मिली है.
- अदालत ने अहम आदेश देते हुए भंडारी की करोड़ों रुपये की संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया है.
- नौ अचल संपत्तियां, 30 बैंक खाते, जेवरात, नकदी और विदेशी मुद्रा सहित करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई.
दिल्ली से जुड़े चर्चित आर्थिक भगोड़े संजय भंडारी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय को बड़ी कामयाबी मिली है. 5 मई 2026 को अदालत ने अहम आदेश देते हुए भंडारी की करोड़ों रुपये की संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया है. यह कार्रवाई भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम यानी फेमा के तहत की गई है, जो उन लोगों पर लागू होता है जो देश छोड़कर भाग जाते हैं और जांच से बचने की कोशिश करते हैं.
इस मामले की शुरुआत 13 दिसंबर 2019 को हुई थी, जब ED ने अदालत में अर्जी दाखिल कर संजय भंडारी को फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर (FEO) घोषित करने और उसकी भारत और विदेश में मौजूद संपत्तियों को जब्त करने की मांग की गई थी. यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग और ब्लैक मनी एक्ट 2015 की धाराओं से जुड़ा हुआ है. लंबी सुनवाई के बाद 5 जुलाई 2025 को कोर्ट ने भंडारी को आधिकारिक तौर पर भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया था. इस फैसले को 9 अप्रैल 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सही ठहराया.
-
NDTV World Summit 2026: PM मोदी समेत शामिल होंगे ये बड़े दिग्गज, जानिए क्या कुछ होगा खास? -
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति और अर्थव्यवस्था पर चर्चा, आज एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
ये भी पढ़ें: फ्रॉड के शिकार लोगों को पैसा वापस दिलाने पर ईडी का जोर, एक साल में लौटाए 63 हजार करोड़
ED ने किन-किन संपत्तियों पर किया दावा
ED की जांच में सामने आया कि संजय भंडारी ने भारत ही नहीं बल्कि दुबई, लंदन जैसे विदेशी शहरों में भी भारी-भरकम संपत्तियां बनाई थीं. इनमें दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा की प्रॉपर्टी, विदेशी कंपनियां, कई बैंक खाते, महंगे जेवरात और नकदी शामिल हैं. एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां सीधे या फिर शेल कंपनियों और करीबी लोगों के नाम पर बेनामी तरीके से खड़ी की गई थीं.
कोर्ट की अहम टिप्पणियां क्या रहीं
अदालत ने साफ कहा कि जब किसी व्यक्ति को FEO घोषित कर दिया जाता है तो वह अपनी संपत्तियों की जब्ती को खुद चुनौती नहीं दे सकता यानी संजय भंडारी अब अपनी ही संपत्ति के खिलाफ कोर्ट में लड़ाई नहीं लड़ सकता है.
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि FEOA के तहत सिर्फ अपराध से कमाई गई संपत्ति ही नहीं, बल्कि वो सारी संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं, जिनमें भगोड़े का किसी भी तरह का हित जुड़ा हो.
हालांकि, अगर कोई तीसरा पक्ष यह साबित कर दे कि संपत्ति उसकी है और उसका भंडारी से कोई लेना-देना नहीं है तो उसे कोर्ट में अपनी बात रखने का अधिकार रहेगा.
भंडारी की कितनी संपत्ति हुई जब्त?
अदालत के 5 मई 2026 के आदेश के मुताबिक, कुल 9 अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं. इनकी कीमत करीब 24.36 करोड़ रुपये है. इसके साथ ही 30 बैंक खाते भी जब्त किए गए हैं, जिनमें दिसंबर 2019 तक 53.78 लाख रुपये जमा थे. इसके साथ ही करीब 4.19 करोड़ रुपये के जेवरात, 31.10 लाख रुपये नकद और करीब 9.95 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा भी जब्ती के दायरे में आई है.
ये सभी संपत्तियां संजय भंडारी और उससे जुड़ी कंपनियों और इकाइयों के नाम पर थीं.
अभी यह मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है. कोर्ट ने साफ किया है कि भंडारी के परिवार के नाम या विदेशी कंपनियों के जरिए रखी गई बाकी संपत्तियों की जब्ती पर अलग से सुनवाई होगी यानी आने वाले समय में और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं