पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के दिल्ली शो को खराब करने की बड़ी साजिश को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नाकाम कर दिया है. पुलिस ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़े प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के इशारे पर दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है.
जानकारी के मुताबिक, पन्नू ने अपना स्लीपर सेल तैयार करने के लिए 1 लाख रुपये में डील की थी. हवाला के जरिए 10 हजार रुपये आरोपियों तक पहुंच भी गए थे. ये पहली बार है जब पन्नू ने महिला स्लीपर सेल का इस्तेमाल किया था.
दिल्ली के दो मेट्रो स्टेशनों को बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक, दो अलग-अलग घटनाओं में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था:
- 29 अक्टूबर 2026: जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास फर्श पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे मिले.
- 30 अक्टूबर 2026: शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-2 की सीढ़ियों की अंदरूनी दीवार पर इसी तरह की ग्रैफिटी मिली.
दोनों जगह अंग्रेजी में लिखा गया था - "DILJIT SINGH QUAM D GADDAR KHOON D BADLA SFJ KHALISTAN"
इस नारे के जरिए दिलजीत को गद्दार बताते हुए SFJ और खालिस्तान विचारधारा का समर्थन करने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई थी.

Photo Credit: NDTV
स्पेशल सेल का एक्शन, 3 गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज ने जांच शुरू की. इंस्पेक्टर अनुकूल पंवार और इंस्पेक्टर परवीन कुमार की टीम ने ACP राहुल कुमार सिंह की निगरानी में CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों को दबोचा.
- सुमित उर्फ रफ्तार (30 साल) - गांधी कॉलोनी, समालखा, पानीपत, हरियाणा.
- सुमित कुमार उर्फ काका (22 साल) - डेरा बाबा नानक, गुरदासपुर, पंजाब (मुख्य साजिशकर्ता)
- गुरप्रीत (22 साल) - माहिलपुर, होशियारपुर, पंजाब.
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी सुमित उर्फ काका का संपर्क लुधियाना और गुरदासपुर में खालिस्तान समर्थकों से हुआ. उसे वॉट्सऐप पर एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप डाउनलोड करने को कहा गया. इसी ऐप से SFJ के हैंडलर ने उसे ग्रैफिटी के डिजाइन और टेम्पलेट भेजे और मोटी रकम का लालच दिया.
उसके बाद सुमित ने अपने परिचित सुमीत उर्फ रफ्तार और गुरप्रीत को तैयार किया. तीनों 28 अक्टूबर को टैक्सी से दिल्ली आए और कश्मीरी गेट ISBT पहुंचे. सुमीत उर्फ रफ्तार ने जहांगीरपुरी में नारे लिखकर वीडियो बनाकर हैंडलर्स को भेजा, जबकि सुमित और गुरप्रीत ने शास्त्री नगर में ग्रैफिटी लिखी.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सुमित ने 30 अक्टूबर को GTK बाईपास पर भी इसी तरह के नारे लिखे थे.
BIGO LIVE से जुड़ा कनेक्शन
जांच में खुलासा हुआ कि सुमीत उर्फ रफ्तार पहले BIGO LIVE प्लेटफॉर्म पर कंटेंट क्रिएटर था, जिस पर 2019 में भारत सरकार ने बैन लगा दिया था. इसके बाद वह TANGO LIVE से जुड़ा, जहां उसकी मुलाकात सुमित उर्फ काका से हुई. वहीं गुरप्रीत को सुमित शॉपिंग के बहाने दिल्ली लाया था.
दोनों घटनाओं में थाना मेट्रो आजादपुर (FIR No. 0011/2026) और थाना मेट्रो NSP (FIR No. 0010/2026) में दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट और मेट्रो रेलवे एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. स्पेशल सेल अब SFJ हैंडलर्स और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है.
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