- बेल्जियम की एंटवर्प कोर्ट ऑफ अपील ने मेहुल चोकसी के भारत प्रत्यर्पण की सिफारिश न्याय मंत्रालय से की है
- अदालत ने मेहुल चोकसी के अगवा होने के दावे को खारिज करते हुए धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप माने हैं
- मेहुल चोकसी की बेल्जियम में शरण मांगने की याचिका अदालत ने अस्वीकार कर दी थी
पंजाब नेशनल बैंक घोटाला मामले में भारत से फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण का रास्ता अब लगभग साफ होता नजर आ रहा है. बेल्जियम की एक अदालत ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए न्याय मंत्रालय को सलाह दे दी है. 3 अप्रैल को एंटवर्प कोर्ट ऑफ अपील की कोर्ट ऑफ अक्यूज़ेशन ने कहा कि चोकसी को भारत भेजा जा सकता है. अब इस पर अंतिम फैसला बेल्जियम का न्याय मंत्रालय आने वाले कुछ महीनों में ले सकता है.
धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश जैसे केस बनते हैं
अदालत ने अपने आदेश में मेहुल चोकसी के उस दावे को भी खारिज कर दिया, जिसमें उसने कहा था कि उसे एंटिगुआ और बारबूडा से अगवा किया गया था. कोर्ट के मुताबिक, यह दावा सही नहीं है. अदालत ने ये भी माना कि पहली नजर में चोकसी पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसे आरोप बनते हैं. हालांकि सबूत नष्ट करने वाला आरोप हटा दिया गया, क्योंकि यह वहां के कानून में लागू नहीं होता.
बेल्जियम में शरण लेने की मांग को ठुकराया
भगोड़े हीरा कोरबारी नीरव मोदी के मामा मेहुल चोकसी ने बेल्जियम में शरण लेने की भी कोशिश की थी, लेकिन अदालत ने उसकी इस मांग को भी ठुकरा दिया. बता दें कि अप्रैल 2025 में भारत के अनुरोध पर बेल्जियम पुलिस ने चोकसी को एंटवर्प में गिरफ्तार किया था. दिसंबर 2025 में बेल्जियम की सर्वोच्च अदालत (कोर्ट ऑफ कैसैशन) ने भी उसकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें वह अपने प्रत्यर्पण को रोकना चाहता था.
नीरव मोदी को भी बड़ा झटका
इसी बीच मेहिल चोकसी के भांजे और भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी को भी झटका लगा है. हालही में ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने उसकी उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें वह अपने प्रत्यर्पण केस को दोबारा खोलना चाहता था.
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