बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने बेबाक अंदाज और अनोखे बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं. एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने आध्यात्म, धर्म के नाम पर पाखंड और समाज में ढोंग फैलाने वाले लोगों पर हमला बोला है.
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा किया कि आध्यात्मिकता का अर्थ कर्मकांड, पूजा-पाठ या लंबी दाढ़ी रखकर गंभीर बैठना नहीं है, बल्कि हर हाल में प्रसन्न रहकर दूसरों को जीना सिखाना ही असली धर्म है.
उन्होंने कहा, "पूजा-पाठ और लंबी दाढ़ी रखना बाबागिरी नहीं, आध्यात्म का असली अर्थ खुश रहना है."
‘जिसे भारत से प्यार नहीं, वो हमारा यार नहीं, गद्दार है', धीरेंद्र शास्त्री Exclusive
बाबा बागेश्वर ने जीवन जीने के तरीके को लेकर अपनी बात कही. उन्होंने कहा, "हमने जीने का एक नया तरीका बनाया है. आध्यात्मिक होने का मतलब यह कतई नहीं है कि आप केवल पूजा-पाठ करें, कर्मकांड में उलझे रहें, लंबी दाढ़ी बढ़ा लें और मुंह लटकाकर कम मुस्कुराएं. यह कोई बाबागिरी नहीं है. एक सच्चे महात्मा का असली मतलब है, हर हाल में खुश रहना, ताकि समाज और लोग आपके चरित्र से प्रेरित हो सकें. हम तो लोगों को हंसना सिखाते हैं, हमने कोई पुरानी परिभाषाएं नहीं बदली हैं."
'कपड़े भगवा और अंदर से काले...'
भगवान और धर्म के नाम पर दिखावा करने वालों को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि बाहरी पहनावे से ज्यादा अंदर की नीयत साफ होनी चाहिए.
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "हमारा सीधा सा कहना है कि तन भले ही भगवा न हो, लेकिन मन भगवा होना चाहिए. आज समाज में कुछ लोग ऐसे हैं जिनके कपड़े तो भगवा रंग के हैं, लेकिन वे अंदर से उतने ही काले हैं. उनका स्टेटस तो भगवान वाला दिखता है, लेकिन उनके कर्म बिल्कुल काले हैं. इसलिए मैं कहता हूं कि आओ तुम्हें हमारे जैसा पागल बना दें. जब भी कभी लगे कि जिंदगी से उदास हो, तो हमारे पास चले आना."
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