- हत्या वाले दिन दोनों आरोपी प्रोफेसर से मिलने के बहाने न्यू अशोक नगर स्थित सोसायटी पहुंचे.
- पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से पूरी योजना तैयार की थी.
- वारदात के बाद दोनों आरोपी दिल्ली से फरार हो गए और पश्चिम बंगाल लौट गए.
दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में महिला असिस्टेंट प्रोफेसर देवस्मिता पॉल की हत्या के मामले में ईस्ट जिला पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे कोई लूटपाट या पुरानी दुश्मनी नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद था. गिरफ्तार आरोपियों में एक पुरुष और एक महिला शामिल हैं, जो पति-पत्नी हैं. दोनों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है.
4 राज्यों में छापेमारी, 7 टीमों ने चलाया ऑपरेशन
इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड को सुलझाने के लिए ईस्ट जिला पुलिस की सात टीमें लगातार काम कर रही थीं. जांच के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों में छापेमारी की गई. पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए करीब 200 लोगों को रडार पर लिया, जिनकी घटना वाले दिन सोसायटी में मौजूदगी या गतिविधियां संदिग्ध थीं.
बंगाल की संपत्ति बनी हत्या की वजह
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मृतक महिला प्रोफेसर के नाना की पश्चिम बंगाल में एक संपत्ति थी. इस संपत्ति में आरोपी पति-पत्नी किराएदार के रूप में रह रहे थे. बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी उस संपत्ति पर कब्जा करना चाहते थे, जबकि प्रोफेसर लगातार उन पर संपत्ति खाली करने का दबाव बना रही थीं.
यही विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने प्रोफेसर को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली. पुलिस का कहना है कि हत्या पूरी योजना बनाकर की गई थी और इसके लिए आरोपी करीब 1400 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल से दिल्ली पहुंचे थे.
बच्चे को साथ लाए ताकि किसी को शक न हो
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि आरोपी पति-पत्नी अपने छोटे बच्चे को भी साथ लेकर दिल्ली आए थे. पुलिस के मुताबिक उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि किसी को उन पर शक न हो और वे सामान्य परिवार की तरह दिखाई दें.
हत्या वाले दिन दोनों आरोपी प्रोफेसर से मिलने के बहाने न्यू अशोक नगर स्थित सोसायटी पहुंचे. चूंकि दोनों पहले से परिचित थे, इसलिए उनकी एंट्री को लेकर किसी को संदेह नहीं हुआ. पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने पहले दोस्ताना व्यवहार किया और फिर मौका मिलते ही अपने साथ लाए गए हथियार से महिला प्रोफेसर पर हमला कर दिया.
फ्रेंडली एंट्री के बाद दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से पूरी योजना तैयार की थी. वे सीधे प्रोफेसर के संपर्क में आए और बातचीत के बहाने घर में प्रवेश किया. इसके बाद अचानक हमला कर हत्या को अंजाम दिया गया. वारदात के बाद दोनों आरोपी दिल्ली से फरार हो गए और पश्चिम बंगाल लौट गए. हालांकि, पुलिस की तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों ने आखिरकार आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता खोल दिया.
वर्धमान के रहने वाले हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपी पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश कब बनाई गई थी और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी. साथ ही हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और घटना से जुड़े अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं.
दिल्ली पुलिस के लिए यह मामला बड़ी चुनौती बन गया था क्योंकि हत्या के बाद आरोपी राज्य से बाहर भाग चुके थे. लेकिन सात टीमों की लगातार मेहनत, चार राज्यों में की गई छापेमारी और सैकड़ों लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने आखिरकार इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझा ली.
दोनों आरोपियों से पूछताछ कर हर पहलू की जांच
प्रारंभिक जांच में साफ हो गया है कि यह हत्या पूरी तरह से प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ी थी और आरोपियों ने संपत्ति हासिल करने की मंशा से महिला प्रोफेसर की हत्या की साजिश रची थी. अब पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले के हर पहलू की जांच कर रही है.
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