दिल्ली पुलिस ने ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के बेंगलुरु स्थित आवास की तलाशी ली

दिल्ली पुलिस की चार सदस्यीय टीम ने गुरुवार दोपहर को ऑल्ट न्यूज़ (Alt News) के सह संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर (Mohd Zubair) के बेंगलुरु (Bengaluru) स्थित आवास पर लगभग तीन घंटे तक तलाशी ली.

दिल्ली पुलिस ने ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के बेंगलुरु स्थित आवास की तलाशी ली

ज़ुबैर को आपत्तिजनक ट्वीट के जरिये हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. 

बेंगलुरु:

दिल्ली पुलिस की चार सदस्यीय टीम ने गुरुवार दोपहर को ऑल्ट न्यूज़ (Alt News) के सह संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर (Mohd Zubair) के बेंगलुरु (Bengaluru) स्थित आवास पर लगभग तीन घंटे तक तलाशी ली. पुलिस ने यह जानकारी दी. ज़ुबैर को 2018 में किए गए एक कथित आपत्तिजनक ट्वीट के जरिये हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया गया था. मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने ज़ुबैर की पुलिस हिरासत की अवधि चार दिनों के लिए बढ़ा दी थी. पुलिस की टीम ने कवल बायरासांद्रा के पास उनके आवास की पहली मंज़िल और भूतल की तलाशी ली और जाते समय दिल्ली पुलिस की टीम का एक सदस्य हाथ में लैपटॉप बैग लिए नज़र आया. बेंगलुरु पुलिस ने तलाशी अभियान में अपने दिल्ली समकक्षों की सहायता की.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘हमारी चार सदस्यीय टीम ज़ुबैर के साथ उनके बेंगलुरु स्थित आवास पहुंची है. ज़ुबैर इस समय पुलिस हिरासत में हैं. हमारी टीम के सदस्य वहां मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूत एकत्र करने गए हैं. इनमें उसका मोबाइल फोन या लैपटॉप शामिल है जिसका इस्तेमाल उन्होंने उस विवादित ट्वीट के लिए किया है.''पुलिस ने बुधवार को विभिन्न बैंकों को पत्र लिखकर जुबैर के खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की जानकारी देने का अनुरोध किया था. अधिकारी ने यह भी बताया कि ज़ुबैर द्वारा जिस मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जाता था, उसे फॉरमेट कर दिया गया है और मामले से जुड़ी जानकारी उसमें नहीं है.

पुलिस के मुताबिक, ज़ुबैर का कहना है कि उनका वह फोन खो गया है, जिसका इस्तेमाल कथित आपत्तिजनक ट्वीट करने के लिए किया गया था. इस बीच, अज्ञात ट्विटर हैंडल, जिससे की गई शिकायत की वजह से ‘ऑल्ट न्यूज़' के सह संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर की गिरफ्तारी हुई, अब ट्विटर पर मौजूद नहीं हैं. पुलिस ने बताया कि ज़ुबैर के खिलाफ 20 जून को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-153ए और 295ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)