- दिल्ली सरकार केंद्र के साथ मिलकर एनसीआर में तीन नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू करेगी
- शिव मूर्ति से नेल्सन मंडेला मार्ग तक आठ किलोमीटर लंबी टनल बनाई जाएगी
- कालिंदी कुंज पर छह लेन का इंटरचेंज और फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा
दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक से जूझने वाले लाखों लोगों के लिए गुड न्यूज है. राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में रोजाना घंटों लगने वाले भीषण जाम से छुटकारा मिलने वाला है. दरअसल दिल्ली सरकार ने केंद्र के साथ मिलकर पूरे दिल्ली-एनसीआर की तस्वीर बदलने का महाप्लान बनाया है. इसका फायदा नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद से लेकर फरीदाबाद तक लोगों को होगा. इसके लिए सरकार तीन बड़े प्रोजेक्ट शुरू करने वाली है, जिसमें 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे. इन प्रोजेक्ट में 8 किलोमीटर लंबी टनल से लेकर 20 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर और अत्याधुनिक इंटरचेंज शामिल है. इस मेगा प्लान का सीधा असर दिल्ली के ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स जैसे महिपालपुर, कालिंदी कुंज, एम्स और धौला कुआं जैसे इलाकों में होगा. वहीं दिल्ली-नोएडा से गुरुग्राम जाना भी आसान हो जाएगा. आइए इन तीनों प्रोजेक्ट्स के बारे में सरकार का पूरा प्लान समझते हैं.
1. शिव मूर्ति-नेल्सन मंडेला मार्ग टनल प्रोजेक्ट
दिल्ली के शिव मूर्ति से लेकर नेल्सन मंडेला मार्ग तक एक 8 किलोमीटर की टनल बनाई जाएगी. इस प्रोजेक्ट पर करीब 7 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह टनल द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज से सीधे जोड़ेगी. इस टनल के बनने के बाद आउटर दिल्ली और गुरुग्राम की तरफ से आने वाले वाहनों को पूरी तरह सिग्नल फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी. ये वाहन शिव मूर्ति इलाके में बिना ट्रैफिक में फंसे सीधे दक्षिणी दिल्ली में आ पाएंगे. इससे महिपालपुर, रंगपुरी और धौला कुआं जैसे भारी ट्रैफिक वाले इलाकों में जाम से बड़ी राहत मिलेगी. इसके अलावा एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए राव तुला राम (RTR) मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा.
2. कालिंदी कुंज इंटरचेंज
दिल्ली में बनने जा रहे प्रोजेक्ट में सबसे अहम कालिंदी कुंज इंटरचेंज प्रोजेक्ट होगा. कालिंदी कुंज पर रोजाना लोग ट्रैफिक को झेलते हैं. इससे राहत दिलाने के लिए जल्द कालिंदी कुंज इंटरजेंस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा. इसके लिए ओखला बैराज के पास 500 मीटर लंबा और 6-लेन का इंटरचेंज और फ्लाईओवरों का निर्माण किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में करीब 300 करोड़ रुपये की लागत आएगी. प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो चुका है और अक्टूबर 2026 तक इसका निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है. इससे नोएडा, जसोला, सरिता विहार और फरीदाबाद के बीच यात्रा करने वालों को सिग्नल फ्री रास्ता मिलेगा.

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3. AIIMS-महिपालपुर-गुरुग्राम एलिवेटेड कॉरिडोर
दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए एम्स-महिपालपुर-गुरुग्राम एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की तैयारी है. यह 20 किलोमीटर लंबा और 6-लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर होगा. इसके लिए करीब 5 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसका निर्माण कार्य अगले साल यानी अप्रैल 2027 तक शुरू हो सकता है. यह एलिवेटेड कॉरिडोर दिल्ली के एम्स, आईएनए, हौज खास, वसंत कुंज, महिपालपुर और हरियाणा के गुरुग्राम को आपस में जोड़ेगा. इस प्रोजेक्ट के बनने सबसे ज्यादा फायदा दिल्ली से गुरुग्राम सफर करने वालों को होगा. इसके अलावा दिल्ली के सबसे बिजी धौला कुआं, महरौली-गुरुग्राम रोड, राव तुला राम मार्ग और दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे पर ट्रैफिक का बोझ घटेगा. साउथ दिल्ली के एयरोसिटी, रंगपुरी, छतरपुर और घिटोरनी इलाकों की कनेक्टिविटी भी काफी बेहतर हो जाएगी.
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