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मेरा टारगेट लॉस एंजेल्स ओलिंपिक्स है लेकिन सिस्टम हर टूर्नामेंट मेरे लिए ओलिंपिक्स बना देता है

Asian Games Trial: विनेश फोगाट की बाउट पर शुक्रवार को उनके लाखों चाहने वालों की नजर थी, लेकिन हार के साथ ही एशियाई खेलों में भाग लेने का उनका सपना टूट गया

मेरा टारगेट लॉस एंजेल्स ओलिंपिक्स है लेकिन सिस्टम हर टूर्नामेंट मेरे लिए ओलिंपिक्स बना देता है
Asian Games Trial: विनेश फोगाट एशियन गेम्स ट्रॉयल में हार गईं
source: social media

Vinesh Phogat After bout: जकार्ता में हुए 2018 के एशियाई खेलों की गोल्ड मेडल विजेता विनेश फ़ोगाट अपने एक साल के बेटे कृधव को घर पर छोड़कर जब 2022 के जापान एशियाई खेलों के ट्रायल्स के लिए जुलाना (हरियाणा) से दिल्ली आईं तो उन्हें पूरी आशांका थी कि भारतीय कुश्ती संघ उनके सामने ट्रायल्स में भी रोड़े खड़े करेगा.  हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से रास्ता बनाती हुईं शनिवार की सुबह जब वो दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में ट्रायल्स के लिए आईं तो उनका रास्ता आसान तो बिल्कुल नहीं था. विनेश कहती हैं, “सर, आपने सुबह भी देखा कि वज़न देने से पहले उम्मीद के मुताबिक भारतीय कुश्ती संघ (WFI) ने मेरा अच्छा खासा वक्त ज़ाया किया. ताकि, मैं मानसिक रूप से परेशान भी रहूं और मुझे वेइंग-इन के बाद लड़ने से पहले तैयारी का थोड़ा ही वक्त मिल पाये.”     

सेमीफ़ाइनल तक पहले शेरनी की तरह लड़ीं

विनेश को शिकायत है कि ट्रायल्स के लिए उनका ड्रॉ भी लाटरी या सही तरीके से नहीं निकला. उन्हें एक के बाद एक सभी टॉप लेवल के पहलवानों से जूझना पड़ा. पहले बाउट से पहले उनके पास कोई स्पारिंग पार्टनर भी नहीं दिखा. मीडिया और पहलवानों के मेले में वो अकेले अभ्यास करती रहीं. और रिपोर्टर्स और मीडिया के कैमरे की निगाहें उनपर टिकी रहीं.

दो वर्ल्ड चैंपियनशिप में 53 किलोग्राम वर्ग में ही मेडल्स (नूर-सुल्तान में 2019 में और बेलग्रेड में 2022 में) जीतने का कारनामा करनेवाली विनेश को 53 किलोग्राम वर्ग में ही बहुत मुश्किल से लड़ने का मौक़ा मिल पाया. चलिए आप शनिवार को विनेश की तीनों बाउट के बारे में डिटेल से जान लीजिए:

पहला बाउट

अपने पहले बाउट में विनेश ने हरियाणा की ज्योति को 7-1 से शिकस्त दी. मुक़ाबला बिल्कुल एकतरफ़ा रहा. विनेश मुक़ाबला जीतकर 25-30 मीटर दूर दूसरे मैट पर अपनी फ़िज़ियेरपिस्ट और पति सोमवीर समेत छोटी-सी टीम के पास जाकर दूसरे बाउट का इंतज़ार करने लगीं. 

दूसरा बाउट

दूसरे बाउट में रेफ़री, विपक्षी खिलाड़ी की टीम विनेश के प्रति कोई सहानुभूति रखते नहीं दिखाई दिये. विनेश ने एक प्वाइंट पर प्रोटेस्ट किया तो रेफ़री ने रिव्यू करते वक्त अच्छा- ख़ासा वक्त लिया. विनेश अपना मोमेंटम बचाने की कोशिश करती दिखीं. दूसरे मैच में विनेश ने निशु को 7-6 से हराया. निशु ने विनेश से हाथ मिलाने से इंकार कर दिया.  

तीसरा बाउट 

तीसरे और सेमीफ़ाइनल राउंड में विनेश की टक्कर मीनाक्षी से हुई. कुश्ती संघ के अधिकारियों के तमाशे और न्यूट्रल नहीं नज़र आते अधिकारियों के बीच विनेश 4-6 से मुक़ाबला हार गईं. लेकिन वापस जाने से पहले विनेश ने उसी मैट पर एलान कर दिया, “एक बार फिर इसी मैट पर लौटूंगी.”

'सिस्टम से लड़ रही हूं'

विनेश ने मैच के बाद NDTV के पत्रकार के एक सवाल जवाब में कहा, “मुझे ये हार बिल्कुल नहीं चुभ रही. मैं पहले भी हारी हूं. मैंने मां बनने के साल भर बाद वापसी की है. मुझे अपनी कुश्ती पर गर्व है. मैं पूरे सिस्टम से लड़ रही हूं. इसलिए ये हार चुभ नहीं रही.”  विनेश ने इसके बाद ये भी एलान किया कि लॉस एंजेल्स में 2028 में होनेवाला ओलिंपिक्स यानी LA2028 में मेडल जीतना उनका अल्टीमेट टारगेट हैं. शेरनी हार गई है, पर लगातार लड़ रही है.


 

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