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फैज ए इलाही मस्जिद वाले तुर्कमान गेट से अजमेरी गेट तक, दिल्ली से जुड़ा 7 किले और 52 दरवाजों वाले शहर का इतिहास

Turkman Gate Delhi: दिल्ली में जिस तुर्कमान गेट के पास फैज ए इलाही मस्जिद है और जहां अतिक्रमण की कार्रवाई की गई, उसका काफी पुराना इतिहास है. आइए जानते हैं कि दिल्ली में अजमेरी गेट, लाहौरी गेट से लेकर प्राचीन दरवाजों का इतिहास...

Turkman Gate Faiz e Ilahi Masjid Delhi
नई दिल्ली:

सल्तनत काल से मुगल साम्राज्य और ब्रिटिश शासन तक दिल्ली ने विदेशी हुकूमतों के लंबे दौर देखे हैं. विदेशी आक्रमणकारियों के निशाने पर रही दिल्ली में शहर बनते और उजड़ते रहे. इन्हीं शहरों की हिफाजत के लिए शासकों ने किले और उनके विशाल गेट, द्वार या दरवाजे बनवाए. 8वीं सदी से 20वीं सदी तक दिल्ली में ऐसे ही अजमेरी गेट, तुगलकाबादा, तुर्कमान गेट बने, जिनमें कई का वजूद आज भी जिंदा है. दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाका फिर सुर्खियों में है. यहां  की फैज ए इलाही मस्जिद के पास अवैध कब्जा हटाने को लेकर बवाल हो गया. हाईकोर्ट ऑर्डर के बाद बुधवार आधी रात रामलीला मैदान इलाके में नगर निगम ने इस अवैध निर्माण को ढहाया था, तभी कुछ अराजकतत्वों ने पत्थरबाजी कर बवाल करने की कोशिश की. दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 10 संदिग्धों को पकड़ा है.इस पथराव में कुछ पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं. आइए जानते हैं दिल्ली के दरवाजों का इतिहास...

यूरोपीय कारोबारी विलियम फिंच ने 1611 में दिल्ली को सात किलों और 52 दरवाजों का शहर बताया था. मुगल और ब्रिटिश शासन में भी नए गेट बने. हालांकि अब 12-13 गेट ही सही स्थिति में है, बाकी खंडहर हो चुके हैं.

दिल्ली में बसे आठ बड़े शहर

दिल्ली में बसे शहरों में महरौली-कुतुब मीनार इलाके का प्राचीन किला राय पिथोरा या लाल कोट सबसे पुराना माना जाता है. इसे दिल्ली का पहला शहर ( 731-1311 ईस्वी) भी कहा जाता है. दूसरा शहर सीरी फोर्ट या किला (1304),तीसरा शहर तुगलकाबाद (1321-23). चौथा शहर जहांपनाह (14वीं सदी), पांचवां शहर फिरोजाबाद (1354), छठवां शहर दीनपनाह/शेरगढ़ (1534), पुराना किला के पास सातवां शहर शाहजहानाबाद था, जो 17वीं सदी के मध्य बसा था. आठवां आधुनिक शहर नई दिल्ली का निर्माण 1920 के दशक में ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ था. 

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शेरशाह सूरी गेट से फिरोजशाह कोटला तक

अलाउद्दीन खिलजी की दिल्ली सल्तनत में सीरी फोर्ट बना, जिसका मकसद मंगोलों से शहर को बचाना था. दिल्ली के और शहर तुगलकाबाद को गयासुद्दीन तुगलक (गाजी मलिक) ने 1321 में बनवाया था.वहीं मुहम्मद बिन तुगलक ने 13 दरवाजों के साथ जहांपनाह नाम से शहर बनाया. फिरोज शाह तुगलक ने यमुना नदी किनारे फिरोजाबाद शहर बसाया. तीन महलों के साथ फिरोजशाह कोटला किला बनवाया. शेरशाह सूरी ने दिल्ली में हुमायूं के शहर दीनपनाह को ध्वस्त कर पुराना किला (1538-45) नाम से जो शहर बसाया, उसके तीन गेट थे. पुराना किला का साउथ गेट या बड़ा दरवाजा, तलाकी दरवाजा भी मशहूर है.पुराना किला के सामने एक और गेट बनवाया जो आज भी शेरशाह सूरी गेट नाम से लोकप्रिय है.

शाहजहां ने बनवाए अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट

दिल्ली का सातवां शहर शाहजहांबाद था, जो 1649 में शाहजहां ने बसाया था. किलेनुमा इस शहर के 14 प्रवेश द्वार थे और 16 खिड़की दरवाजे थे. इनमें से चार गेट कश्मीरी गेट उत्तर में, दक्षिण पश्चिमी में अजमेरी गेट, दक्षिण पूर्व में दिल्ली गेट और दक्षिणपूर्व में तुर्कमान गेट का ही अस्तित्व बच पाया. ये सभी दरवाजे पुरानी दिल्ली के 5-6 किलोमीटर के दायरे में हैं. 

Ajmeri Gate Delhi

Ajmeri Gate Delhi

तुर्कमान गेट कहां है

दिल्ली में शाहजहां ने जो शहर बसाया, उसका एक दरवाजा तुर्कमान गेट सूफी संत शाह तुर्कमान बयाबनी के नाम पर बना था. यहां गेट निर्माण के काफी पहले से ही 1240 ईस्वी में उनकी कब्र था. रामलीला मैदान के करीब ये तुर्कमान गेट है.शाहजहानाबाद के पुराने दरवाजों में से मशहूर तुर्कमान गेट है, जिसे शाहजहां ने 1683 ईस्वी में बनवाया था. आगरा से दिल्ली राजधानी बसाने के बाद शाहजहानाबाद को मुगल सल्तनत की नई राजधानी के तौर पर बसाया गया. ये किला चारों ओर से विशाल दरवाजों से घिरा था. इन्हीं दरवाजों में तुर्कमान गेट है. शाह तुर्कमान की बरसी पर तुर्कमान गेट पर उर्स (मेला) लगता है. 

Turkman Gate Delhi Gate

Turkman Gate Delhi Gate

लाहौरी गेट से लेकर काबुली गेट तक

लाल किले का दक्षिणी प्रवेश द्वार दिल्ली गेट कहलाता है. जबकि लाल किले का मुख्य द्वार की दिशा लाहौर की होने के कारण लाहौरी गेट नाम पड़ा.ऐसे ही दरवाजों के नाम काबुली गेट और निगमबोध घाट था, जिनका वजूद अब नहीं है.ब्रिटिश काल में जब अंग्रेज कोलकाता से दिल्ली राजधानी लाए तो नई दिल्ली बसाई गई, इनमें प्रथम विश्व युद्ध के दौरान शहीद भारतीय सैनिकों की याद में इंडिया गेट का निर्माण किया गया.
 

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