- दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मां रानी कपूर ने फैमिली ट्रस्ट को अवैध घोषित करने की मांंग हाई कोर्ट से की है
- रानी कपूर का आरोप है कि बहू प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों ने बिना सहमति संपत्ति ट्रस्ट में ट्रांसफर की
- हाई कोर्ट के जस्टिस विकास महाजन ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग करके नई बेंच से सुनवाई को कहा है
दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की अरबों रुपए की संपत्ति को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद में बुधवार को नया मोड़ आ गया. संजय कपूर की मां रानी कपूर की तरफ से दायर याचिका पर बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन जस्टिस विकास महाजन ने खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया. उन्होंने मामले को किसी दूसरी बेंच के सामने रखने को कहा. अब गुरुवार को नई बेंच इस पर सुनवाई करेगी.
सास ने बहू-बच्चों के खिलाफ दायर की है याचिका
ये याचिका 80 वर्षीय रानी कपूर की तरफ से दायर की गई है. रानी कपूर ने अपनी बहू प्रिया कपूर और एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. उन्होंने अदालत से गुहार लगाई है कि जिस फैमिली ट्रस्ट के जरिए संपत्तियों का प्रबंधन और नियंत्रण किया जा रहा है, उसे अवैध और अमान्य घोषित किया जाए. उनका आरोप है कि इस ट्रस्ट का इस्तेमाल उनकी पूरी संपत्ति और पारिवारिक विरासत को गैरकानूनी तरीके से हथियाने के लिए किया गया है.
रानी कपूर का दावा, ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दी संपत्ति
याचिका में रानी कपूर ने दावा किया है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनकी संपत्ति और पारिवारिक विरासत को इस ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है. प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों ने मिलकर गैरकानूनी तरीके से इस ट्रस्ट का गठन किया ताकि उनकी संपत्ति हासिल कर सकें.
संजय कपूर का मां ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप
रानी कपूर का कहना है कि उन्हें इस कथित धोखाधड़ी की जानकारी बेटे संजय कपूर के निधन के बाद मिली. संजय कपूर का 12 जून 2025 को निधन हुआ था. इसके बाद उन्हें पता चला कि उनकी संपत्तियों से जुड़े अहम फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए जा चुके हैं. धीरे-धीरे उनकी संपत्तियों को फैमिली ट्रस्ट के तहत डाल दिया गया और उन्हें पारिवारिक संपत्ति से बाहर कर दिया गया.
प्रिया कपूर पर सास के गंभीर आरोप
रानी कपूर ने याचिका में आरोप लगाया है कि संजय कपूर के निधन के तुरंत बाद उनकी बहू प्रिया कपूर ने सोना ग्रुप से जुड़ी कंपनियों में अहम पद संभाल लिए. इन नियुक्तियों और फैसलों में उनसे न तो सलाह ली गई और न ही उन्हें कोई जानकारी दी गई. उन्हें कंपनी से जुड़ी सूचनाओं से दूर रखा गया और उनके संपर्क माध्यमों तक पहुंच सीमित कर दी गई.
पारिवारिक विरासत सौंपने की हाईकोर्ट से मांग
रानी कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट से मांग की है कि फैमिली ट्रस्ट को अवैध घोषित कर उनकी पूरी संपत्ति और पारिवारिक विरासत उन्हें वापस सौंपी जाए. उन्होंने अदालत से ये भी गुहार लगाई है कि जब तक मामले का अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक ट्रस्ट के जरिए किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री या ट्रांसफर पर रोक लगाई जाए.
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