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सरगना 5 साल पहले मारा गया, फिर भी गोगी गैंग का खौफ, कहानी जीतेंद्र गोगी की जिसके शूटरों ने की अंकित बालियान की हत्या

शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या से गोगी गैंग फिर चर्चा में आ गया है. दिल्ली-NCR के सबसे कुख्यात गैंगस्टरों में शामिल जीतेंद्र गोगी की 5 साल पहले रोहिणी कोर्ट में हत्या हुई थी. लेकिन आज भी उस गैंग का खौफ कायम है.

सरगना 5 साल पहले मारा गया, फिर भी गोगी गैंग का खौफ, कहानी जीतेंद्र गोगी की जिसके शूटरों ने की अंकित बालियान की हत्या
गोगी गैंग का सरगना जितेंद्र गोगी, हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान और दीपक बॉक्सर.
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  • जितेंद्र मान उर्फ गोगी दिल्ली और हरियाणा का एक बड़ा गैंगस्टर था, उसके नाम पर ही गोगी गैंग चल रहा है.
  • गोगी की हत्या 2021 में रोहिणी कोर्ट में वकीलों के वेश में आए टिल्लू ताजपुरिया गैंग के सदस्यों ने की थी.
  • हाल ही में शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या में गोगी गैंग के दो शूटर को एनकाउंटर में मारे गए.
नई दिल्ली:

दिल्ली के अपराध जगत में जितेंद्र मान उर्फ गोगी का नाम कभी सबसे खतरनाक गैंगस्टरों में लिया जाता था. गोगी सिर्फ एक शूटर या छोटे-मोटे अपराधी के तौर पर नहीं, बल्कि अपने नाम से गैंग चलाने वाले ऐसे गैंगस्टर के तौर पर जाना जाता था, जिसका नेटवर्क दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा के कुछ इलाकों तक फैला हुआ था. जितेंद्र गोगी की हत्या साल 2021 में रोहिणी कोर्ट में हुई थी लेकिन हत्या के 5 साल बाद भी गोगी गैंग एक बार फिर चर्चा में है. वजह है शामली में हुई हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या. 26 अगस्त की शाम शामली में जिम से बाहर निकलने के बाद अंकित बालियान को गोलियों से भून दिया गया था. 

आज सुबह यूपी पुलिस ने इस मामले में गोगी गैंग के दो शूटर अंकित और मोहित को एनकाउंटर में ढेर किया. जिस जितेंद्र गोगी की हत्या 5 साल पहले अदालत में हुई, उसका आज भी इतना खौफ क्यों है? इसे समझने के लिए गोगी को जानना होगा?

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जीतेंद्र गोगी के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी, डकैती, लूट, अवैध हथियार और जमीन से जुड़े अपराधों के कई मामले दर्ज थे. 24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट के अंदर हुई गोलीबारी में गोगी की हत्या कर दी गई और यहीं से उसकी कहानी का सबसे चर्चित अध्याय खत्म हुआ. 

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जितेंद्र मान उर्फ जितेंद्र गोगी, पिता की मौत के बाद अपराध की दुनिया में आया

जितेंद्र मान उर्फ गोगी दिल्ली के अलीपुर इलाके से जुड़ा था. पुलिस के मुताबिक, उसने पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी और बाद में प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा. 2010 के आसपास उसके पिता की मौत के बाद उसके जीवन में बड़ा बदलाव आया और धीरे-धीरे उसका अपराध की दुनिया में दखल बढ़ता गया. बाद में उसने अपना गैंग खड़ा कर लिया और दिल्ली-हरियाणा के बॉर्डर वाले इलाकों में उसका नाम तेजी से फैलने लगा.  

पुलिस ने उसके खिलाफ MCOCA भी लगाया. हत्या और हत्या की कोशिश के 19 मामलों के अलावा रंगदारी, डकैती, कारजैकिंग और लूट जैसे कई  मामले भी जीतेंद्र गोगी पर दर्ज थे.

महंगी गाड़ियां और अत्याधुनिक हथियार 

गोगी का नाम सिर्फ एक तरह के अपराध तक सीमित नहीं था. पुलिस के मुताबिक उसके गैंग पर लोगों से रंगदारी मांगने, जमीन पर कब्जे की कोशिश करने, लूटपाट करने और विरोध करने वालों पर हमला करने जैसे आरोप लगते रहे. गोगी और उसके साथियों के पास महंगी गाड़ियां और हथियार होने की बात भी पुलिस जांच में सामने आई थी. आरोप था कि अपराध से आने वाले पैसे का इस्तेमाल गैंग को मजबूत करने और हथियारों व गाड़ियों पर किया जाता था. 

जीतेंद्र गोगी और टिल्लू ताजपुरिया, कभी जिगरी यार हुआ करते थे, बाद में दोनों एक दूसरे के जानी दुश्मन बने.

जीतेंद्र गोगी और टिल्लू ताजपुरिया, कभी जिगरी यार हुआ करते थे, बाद में दोनों एक दूसरे के जानी दुश्मन बने.

गोगी गैंग की टिल्लू ताजपुरिया से दुश्मनी

गोगी की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा उसकी टिल्लू ताजपुरिया से दुश्मनी है. जिस टिल्लू गैंग से बाद में गोगी की सबसे बड़ी दुश्मनी हुई, उसके मुखिया सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया से गोगी की कभी दोस्ती हुआ करती थी. दोनों दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में पढ़ते थे और दोनों का संबंध बाहरी दिल्ली के इलाकों से था. कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव के दौरान दोनों अलग-अलग उम्मीदवारों के समर्थन में खड़े हो गए और यहीं से दोनों की दोस्ती में दरार पड़ गई. 

कॉलेज का विवाद धीरे-धीरे ताकत और वर्चस्व की लड़ाई में बदल गया. दोनों के आसपास युवाओं का अपना-अपना ग्रुप बनने लगा. इसके बाद गोगी और टिल्लू अलग-अलग गैंग के साथ आगे बढ़े. जो दो लोग कभी एक-दूसरे के साथ खड़े होते थे, वही कुछ साल बाद एक-दूसरे के सबसे बड़े दुश्मन बन गए. 

पुलिस के मुताबिक, इस गैंगवार में दोनों तरफ के कई लोगों की हत्या हुई और बदले का सिलसिला सालों तक चलता रहा. दोनों गैंगों की दुश्मनी में 25 से ज्यादा लोग मारे जा चुके थे.

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रंगदारी और अन्य आपराधिक कामों से होती थी मोटी कमाई

जैसे-जैसे गोगी का नाम अपराध की दुनिया में बढ़ा, उसके गैंग का नेटवर्क भी मजबूत होता गया. पुलिस के मुताबिक, गैंग की कमाई का बड़ा हिस्सा रंगदारी और दूसरे आपराधिक कामों से आता था. अलीपुर, बवाना, नरेला और आसपास के इलाकों के साथ-साथ हरियाणा के सोनीपत इलाके में भी गोगी गैंग की गतिविधियों का जिक्र पुलिस रिकॉर्ड में मिलता रहा है. गोगी और टिल्लू के गैंग के बीच इलाके और वर्चस्व को लेकर लगातार टकराव होता रहा. 

गोगी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई भी लगातार होती रही. एक समय ऐसा आया जब वह दिल्ली पुलिस के लिए मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल हो गया. पुलिस उसे पकड़ने की कोशिश करती रही, लेकिन वह कई बार बच निकलता था. 2016 में पुलिस गिरफ्त में आने के बाद वो फिर फरार हो गया.

2020 में गिरफ्तारी के बाद जेल से चला गोगी गैंग

आखिरकार दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे मार्च 2020 में गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद भी जीतेंद्र गोगी पर जेल से गैंग चलाने का आरोप लगा. गोगी जेल में था, लेकिन बाहर उसका गैंग सक्रिय था और वह अपने नेटवर्क के संपर्क में बना हुआ था.  MCOCA कार्रवाई में यह दावा किया गया था कि गोगी जेल के पीछे से भी अपने गैंग की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा था. 

यानी पुलिस के लिए समस्या सिर्फ गोगी को गिरफ्तार करना नहीं थी. चुनौती यह थी कि उसके जेल जाने के बाद भी उसका नेटवर्क कैसे काम कर रहा था. यही वजह थी कि उसके गैंग से जुड़े लोगों और उसके कथित आर्थिक नेटवर्क पर भी पुलिस की नजर बनी रही.

हरियाणवी सिंगर हर्षिता दहिया, जिनकी 2017 में हत्या हुई थी.

हरियाणवी सिंगर हर्षिता दहिया, जिनकी 2017 में हत्या हुई थी.

हरियाणवी सिंगर हर्षिता दहिया की हत्या में भी था शामिल

गोगी का नाम हरियाणवी लोक गायिका हर्षिता दहिया की हत्या के मामले में भी सामने आया था. इस हत्याकांड की जांच में गोगी गैंग का नाम सामने आया और पुलिस ने मामले में गैंग से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की. गोगी पर लगे आरोपों की लंबी सूची में यह मामला भी उसकी आपराधिक छवि को और गंभीर बनाता था.

24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट में गोली मारकर हुई थी हत्या

24 सितंबर 2021 को गोगी को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के लिए लाया गया था. उसे पुलिस की सुरक्षा में कोर्ट परिसर के अंदर ले जाया जा रहा था. तभी दो हथियारबंद हमलावर वकीलों की ड्रेस में कोर्ट के अंदर पहुंचे और उन्होंने गोगी पर गोलियां चला दीं. गोगी को कई गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. 

पुलिस की टीम उस समय गोगी के साथ थी. हमलावरों ने जैसे ही गोलीबारी की, पुलिस ने जवाबी फायरिंग की. दोनों हमलावर भी मारे गए. इस तरह कोर्ट के अंदर कुछ ही मिनटों में तीन लोगों की मौत हो गई. बाद में पुलिस ने दोनों हमलावरों को टिल्लू ताजपुरिया गैंग से जुड़ा बताया. 

यह भी पढ़ें - दिल्ली कोर्ट में गैंगवार : टिल्लू गैंग ने वकीलों के वेश में कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र गोगी को उड़ाया

टिल्लू गैंग के शूटरों ने की थी गोगी की हत्या

पुलिस की जांच के मुताबिक, गोगी की हत्या के पीछे सबसे बड़ी वजह टिल्लू और गोगी गैंग की पुरानी दुश्मनी थी. दोनों के बीच सालों से चली आ रही गैंगवार में कई लोग मारे जा चुके थे. पुलिस का आरोप था कि टिल्लू गैंग के शूटरों ने गोगी को खत्म करने के लिए कोर्ट को चुना और वकीलों के कपड़े पहनकर वहां पहुंचे. 

गोगी की मौत के बाद भी कहानी खत्म नहीं हुई

गोगी की मौत के बाद भी उसकी गैंग खत्म नहीं हुई. उसके कई करीबी और सहयोगी उसके नेटवर्क को आगे चलाते रहे. गोगी गैंग से जुड़े कई नाम बाद के सालों में पुलिस की कार्रवाई में सामने आते रहे. दीपक बॉक्सर जैसे गैंगस्टरों का नाम भी गोगी गैंग के बाद के नेटवर्क से जुड़ा. यानी गोगी के मरने के बाद उसके नाम से चलने वाला नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ. और सबसे बड़ी बात यह कि गोगी और टिल्लू दोनों की मौत के बावजूद दोनों गैंगों के बीच पुरानी दुश्मनी का असर लंबे समय तक दिखाई देता रहा. 

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2 मई 2023 को टिल्लू ताजपुरिया की तिहाड़ में हुई हत्या

गोगी की हत्या के करीब 20 महीने बाद 2 मई 2023 को उसके सबसे बड़े दुश्मन टिल्लू ताजपुरिया की तिहाड़ जेल में हत्या कर दी गई. हत्या का आरोप गोगी गैंग पर लगा. इस तरह दोनों गैंग के सबसे बड़े चेहरे दुनिया से चले गए, लेकिन गैंग अब भी एक्टिव हैं, अब अंकित बालियान की हत्या में गोगी गैंग का शामिल होना यही बताता है. 

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अभी दीपक बॉक्सर चला रहा गोगी गैंग

अंकित बालियान की हत्या में एक नई चौंकाने वाली बात यह सामने आई, इसकी प्लानिंग जेल में हुई. फिलहाल गोगी गैंग को दीपक बॉक्सर संभाल रहा है. दीपक फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में है और उसे विदेश से लाया गया था. हत्या में उसका हाथ है या नहीं, इसकी जांच जारी है. हत्या में बाकी दो शूटरों की पहचान हो गई है. फरार शूटर अरिमन संधू और सत्यम हो सकते है.

यह भी पढ़ें - रोहिणी कोर्ट शूटआउट: जेल में बैठकर हमले का 'LIVE UPDATE' ले रहा था गैंगस्टर टिल्लू

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