विज्ञापन
This Article is From Oct 31, 2025

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ किया, RBL बैंक अधिकारी समेत 5 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में फैले साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.  ये नेटवर्क दुबई में बैठे एक भारतीय किंगपिन “टॉम” के इशारों पर काम कर रहा था.

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ किया, RBL बैंक अधिकारी समेत 5 गिरफ्तार
फाइल फोटो
  • दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने देशभर में फैले साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है
  • आरोपियों ने फर्जी कंपनियां बनाकर 8 करंट अकाउंट खोले, ठगी के पैसे को कई खातों से घुमाकर क्रिप्टोकरेंसी में बदला
  • गिरोह में RBL बैंक का एक अधिकारी शामिल है जो फर्जी खाते खुलवाने और बैंक अलर्ट्स की जानकारी देता था
नई दिल्ली:

साइबर सेल की जांच में पता चला कि देश भर के 12 से ज्यादा राज्यों में साइबर फ्रॉड गैंग ने लोगों के साथ ठगी की और 52 साइबर ठगी की शिकायतें NCRP पोर्टल पर दर्ज थीं. दिल्ली क्राइम ब्रांच ने आरोपियों से 18 मोबाइल फोन, 36 सिम कार्ड, 1 लैपटॉप, जिसमें USDT वॉलेट और बैंक डाटा, कई चेकबुक्स और कार्ड्स, बैंक स्टेटमेंट और टेलीग्राम ग्रुप वाली 274 पीडीएफ फाइलें की डिटेल बरामद की है. 

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में फैले साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.  ये नेटवर्क दुबई में बैठे एक भारतीय किंगपिन “टॉम” के इशारों पर काम कर रहा था. पुलिस ने इस गैंग से जुड़े 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें RBL Bank का एक अधिकारी भी शामिल है. 

डीसीपी क्राइम ब्रांच ने बताया कि साइबर सेल को जांच के दौरान जानकारी मिली कि नोएडा और गुरुग्राम में एक संगठित गिरोह साइबर फ्रॉड कर रहा है. ये गिरोह, लोगों से ठगी के पैसे फर्जी फर्मों और एकाउंट के जरिए घुमा-फिरा कर विदेश भेज रहा था. जिसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी निगरानी और डिजिटल फुटप्रिंट ट्रैकिंग के बाद 27 अक्टूबर को गुरुग्राम में छापा मारा. छापे के दौरान मनजीत, मंशवी और सोमबीर को गिरफ्तार किया गया. फिर बाद में मनीष मेहरा और अनूप (RBL बैंक अधिकारी) को भी पकड़ा. 

पकड़े गए आरोपियों के बारे में जानकारी - 

  • अनूप  35 साल – सालापुर खेड़ा, बिजवासन, दिल्ली – RBL बैंक अधिकारी 
  • मनीष मेहरा 33 साल – डी.के. मोहन गार्डन, उत्तम नगर, दिल्ली
  • मनजीत सिंह 28 साल – धंदूर बीर, हिसार, हरियाणा
  •  मंशवी 23 साल – गाँव राजलू गढ़ी छोटी, सोनीपत, हरियाणा
  • सोमबीर 43 साल – गाँव पाजू, लोहारू, भिवानी, हरियाणा

साइबर ठगों पर ये बड़ी कार्यवाई DCP आदित्य गौतम, ACP अनिल शर्मा, Isnp संदीप सिंह की टीम ने की. 

साइबर ठग गैंग कैसे करते थे ठगी - 

  • मनजीत और मंशवी – फर्जी कंपनियां बनाते और उनके नाम पर करंट अकाउंट खुलवाना 
  • सोमबीर – एकाउंटेंट की तरह खर्च और ट्रांजेक्शन का हिसाब रखता था और दुबई वाले हैंडलर को रिपोर्ट भेजना 
  • मनीष मेहरा – ओटीपी हैंडल करना और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को कंट्रोल करना 
  • अनूप (RBL बैंक अधिकारी) – फर्जी खातों को खुलवाने में मदद करता और बैंक अलर्ट्स व शिकायतों की जानकारी गैंग तक पहुंचाना 
  • डीसीपी के मुताबिक हर एक आरोपी को एक फर्जी बैंक खाता खुलवाने पर ₹1.5 लाख रूपये की कमीशन मिलती थी. 

डीसीपी क्राइम ब्रांच ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह ने तीन फर्जी कंपनियां बनाई थीं और आठ करंट अकाउंट खोले थे, जैसे — Boldbridge और Excellencia. इन खातों में ठगी का पैसा जमा होता, फिर उसे कई खातों के जरिए घुमाकर USDT क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया जाता ताकि पैसों का पता न चल सके. 

पुलिस ने आरोपियों के पास से 18 मोबाइल फोन, 36 सिम कार्ड, 1 लैपटॉप, जिसमें USDT वॉलेट और बैंक डाटा, कई चेकबुक्स और कार्ड्स, 274 पीडीएफ फाइलें जिनमें बैंक स्टेटमेंट्स और टेलीग्राम ग्रुप्स के डिटेल्स शामिल हैं. दिल्ली पुलिस ने आरोपियों से सभी दस्तावेज जब्त कर लिये हैं.

दिल्ली पुलिस को जांच में पता चला कि इन खातों से जुड़ी 52 साइबर ठगी की शिकायतें NCRP पोर्टल पर दर्ज थीं, जो 12 राज्यों — तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, यूपी, हिमाचल, पंजाब, गुजरात, केरल और हरियाणा — से संबंधित हैं. दिल्ली पुलिस के अनुसार, गैंग का मास्टरमाइंड अभी दुबई में छिपा हुआ है, जिसकी तलाश जारी है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Delhi Cyber Fraud Gang, Cyber Crime India, Delhi Police Crime Branch, RBL Bank Officer Arrested
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com