- सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है.
- बिल्डिंग के कथित मालिक हरिराम को पकड़ने के लिए 10 अलग-अलग टीमें बनाई हैं.
- पुलिस हरिराम को पकड़ने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर रही है.
नई दिल्ली: तारों के जंजाल के बीच बनी एक-दूसरे से सटी हुई इमारतें. संकरी गली से निकलते हुए हॉस्टल के कमरे में कदम रखा तो लगा कि कमरा शुरु होते ही खत्म हो गया है. 4x4 के इन्ही कमरों में कई छात्रों को रहना, पढ़ना, सोना और किसी तरह सांस भी लेनी पड़ती है. ये हालात राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके के हैं, जहां रविवार को एक जर्जर बिल्डिंग भरभराकर गिर गई और छात्रों समेत 7 लोगों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई. NDTV ने सत्य निकेतन इलाके में बने हॉस्टल और पीजी का रियालिटी चेक किया तो चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं.

सोचिए, आप दिल्ली आते हैं, एक परीक्षा पास करने, करियर बनाने और अपने परिवार का नाम रोशन करने के सपनों के साथ. लेकिन यहां आकर आपको ऐसी जगह रहना पड़ता है, जहां आराम से खड़े होना भी किसी लग्जरी जैसा लगता है. मुश्किल से 4×4 फीट का कमरा, जिसमें कई छात्रों को रहना, पढ़ना, सोना और किसी तरह सांस भी लेनी है. पानी की कोई ठीक व्यवस्था नहीं है. पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं. हवा-पानी (वेंटिलेशन) का भी कोई रास्ता नहीं है.

4x4 कमरे में रहते हैं तीन छात्र
इस 4x4 कमरे में 3 बेड हैं. ऐसे में छोटे से कमरे में 3 छात्रों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है. किचन में मुश्किल से एक आदमी खड़ा हो सकता है. न बिजली है, न हवा-पानी का इंतज़ाम, और न ही सुरक्षा. कमरे का किराया 18,000 रुपये है. छात्रों का कहना है कि अगर किराया देने में एक दिन भी देर हो जाए तो मकान-मालिक का फोन आ जाता है. वे बार-बार फ़ोन करते हैं और कहते हैं कि अगर किराया नहीं दे सकते, तो कमरा खाली कर दो.

हादसे में 7 की मौत, बिल्डिंग मालिक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है. अब तक कुल 12 लोगों को बचाया गया है. अभी बचाव और राहत का काम चल रहा है. दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग के कथित मालिक हरिराम को पकड़ने के लिए 10 अलग-अलग टीमें बनाई हैं. इन टीमों में लोकल डिस्ट्रिक्ट पुलिस, स्पेशल स्टाफ़ और दूसरी ऑपरेशनल यूनिट्स के जवान शामिल हैं. हर टीम की अगुवाई एडिशनल DCP रैंक का एक अफसर कर रहा है. पुलिस हरिराम को पकड़ने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर रही है.
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