दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक 6 मंजिल इमारत के ढहने के बाद कई लोगों के दबे होने की आशंका है. इस इमारत में बॉयज पीजी चल रहा था. दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस इमारत को एक साल पहले खाली करा लिया गया था, लेकिन बीते 2-3 महीने से इसमें फिर से स्टूडेंट का पीजी चलने लगा था.
इस हादसे के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, "सत्य निकेतन, दिल्ली में इमारत गिरने का हादसा अत्यंत दुखद और चिंताजनक है. मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मलबे में फंसे लोगों का सकुशल और जल्द रेस्क्यू हो जाए. दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं. सरकार को नींद से जागना होगा. बड़े स्तर पर एक्शन लेकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है."
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, "आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने हादसे को लेकर कहा, "सत्य निकेतन में एक और बिल्डिंग गिरने की घटना हुई, यह DU के साउथ कैंपस कॉलेज के स्टूडेंट्स का PG अकोमोडेशन था. मलबे में करीब 30-40 स्टूडेंट्स के दबे होने की आशंका है. MCD के बिल्डिंग डिपार्टमेंट में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ट्रांसफर का रेट 1.25 करोड़ है. तो यह रुकने वाला नहीं है. यह साकेत बिल्डिंग गिरने जैसी ही कहानी है. ऑडिट के नाम पर, फिर से बिजनेस, जिम, होटल, हॉस्पिटल से करोड़ों की लूट होगी. कुछ नहीं बदलेगा."
वहीं हादसे को लेकर कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त ने कहा, "चुनाव से कहीं ज्यादा जरूरी मुद्दा यह है कि यहां बच्चे कैसे अपनी जान गंवा रहे हैं और दिल्ली में बिल्डिंग कैसे इस तरह गिर रही हैं. जिस तरह से इन बच्चों की जान गई, वह बहुत दुखद है. सरकार को तुरंत इन बच्चों और उनके परिवारों की मदद करनी चाहिए और यह पक्का करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए कि ऐसी दुखद घटना दोबारा न हो. यह सच में दिल तोड़ने वाला है. अभी, बच्चों की मदद करने पर ध्यान देना चाहिए."
पूर्व मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, "दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत गिरने की ख़बर बेहद दुखद और चिंताजनक है. मलबे में छात्रों समेत कई लोगों के दबे होने की आशंका बेहद विचलित करने वाली है. प्रशासन से अपील है कि राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता से चलाया जाएं और मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए. सरकार इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके."
दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में इमारत गिरने की ख़बर बेहद दुखद और चिंताजनक है। मलबे में छात्रों समेत कई लोगों के दबे होने की आशंका बेहद विचलित करने वाली है।
— Atishi (@AtishiAAP) September 6, 2026
प्रशासन से अपील है कि राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता से चलाया जाएँ और मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर…
DU प्रेसिडेंट ने क्या कहा?
DUSU प्रेसिडेंट आर्यन मान ने कहा, "अभी तक करीब 10-15 स्टूडेंट्स को बचाया गया है, हालांकि कुछ अभी भी अंदर फंसे हुए हैं. हम उनसे बातचीत कर रहे हैं और पूरी NDRF टीम आ गई है. मैंने चीफ मिनिस्टर से बात की है और दूसरी टीमें भी स्टूडेंट्स की मदद के लिए जा रही हैं. अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. सभी स्टूडेंट्स को हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है; इसमें करीब 15-20 स्टूडेंट्स शामिल थे और 10 को बचा लिया गया है. हमें अभी तक उनकी हालत के बारे में खास जानकारी नहीं है, लेकिन उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया है. मैंने चीफ मिनिस्टर और कमिश्नर से बात की है. हम इस घटना के बारे में सभी के साथ कोऑर्डिनेट कर रहे हैं और सभी टीमें साइट पर मौजूद हैं."
#WATCH | Delhi: On the building collapse near Satya Niketan in South-West Delhi, DUSU President Aryan Maan says, "Approximately 10-15 students have been rescued so far, though some are still trapped inside. We are in communication with them, and the entire NDRF team has arrived.… pic.twitter.com/otLICCRuQb
— ANI (@ANI) September 6, 2026
यह भी पढ़ें: Delhi Building Collapse: मलबे के नीचे से आ रही 'बचाओ-बचाओ' की आवाज, चश्मदीद ने बताया- ऐसा लगा भूकंप आ गया
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं