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असम के कछार में फैक्टरी में सिलेंडर विस्फोट, चार श्रमिकों की मौत

धमाके के तुरंत बाद पुलिस, फायर और इमरजेंसी सेवा के कर्मचारी फैक्ट्री पहुंचे और कई घायल कर्मचारियों को बचाया. कुछ लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि अन्य को मामूली चोटें आईं और वे बाद में घर लौट आए.

असम के कछार में फैक्टरी में सिलेंडर विस्फोट, चार श्रमिकों की मौत
सिलचर:

असम के कछार जिले में रविवार को लोहे की ढलाई करने वाली एक इकाई में संदिग्ध तौर पर सिलेंडर विस्फोट होने से कम से कम चार श्रमिकों की मौत हो गई. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना दोपहर बाद उधारबंद थाना क्षेत्र के पंगराम स्थित 'कडे ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी' और 'आईआरआईडी कास्टिंग वर्क्स एलएलपी' के साझा परिसर में हुई.

उन्होंने कहा, 'अचानक हुए विस्फोट से फैक्टरी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कई लोग घायल हो गए. घायलों को सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां चार लोगों को मृत घोषित कर दिया गया.' अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, ढलाई कार्य में इस्तेमाल किए जा रहे एलपीजी सिलेंडर में विस्फोट होने से यह हादसा हुआ.

असम के आवास एवं शहरी कार्य मंत्री कौशिक राय ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. राय ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मंजूरी दी है. उन्होंने कहा, 'विस्फोट के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए विभिन्न एजेंसियां अलग-अलग जांच करेंगी. यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.'

स्थानीय लोगों ने बताया कि ज़ोरदार धमाके की आवाज़ सुनकर वे तुरंत मौके पर पहुंचे और देखा कि पीड़ितों के शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे और शरीर के अंग पूरे इलाके में बिखरे पड़े थे. एक स्थानीय निवासी ने कहा, "आवाज़ कान फाड़ देने वाली थी. जब हम मौके पर पहुंचे, तो देखा कि शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए थे और अंग दूर-दूर तक बिखरे हुए थे."

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स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले भी फैक्ट्री में कम तीव्रता वाले ऐसे धमाके कई बार हुए हैं, लेकिन उनकी कभी आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट नहीं की गई. उन्होंने कहा कि वे हमें अंदर नहीं जाने देते, लेकिन ऐसी घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं. पीड़ित लोग बाद में कभी सामने नहीं आए और हमारी जानकारी के मुताबिक, वे दूसरे राज्यों के मज़दूर थे जिन्हें चुपचाप वापस भेज दिया गया. हम चाहते हैं कि हर चीज़ की ठीक से जांच हो.

धमाके के तुरंत बाद पुलिस, फायर और इमरजेंसी सेवा के कर्मचारी फैक्ट्री पहुंचे और कई घायल कर्मचारियों को बचाया. कुछ लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि अन्य को मामूली चोटें आईं और वे बाद में घर लौट आए.

मृतकों की पहचान अप्पू बोराईक (32), किरण मुंडा (28), श्यामला गौर और सागर नाथ (त्रिपुरा के अगरतला निवासी) के रूप में हुई. पुलिस ने बताया कि चारों की मौत मौके पर ही हो गई थी. सिलचर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SMCH) के डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि किए जाने के बाद, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.

घटना के बाद पंग्राम और आसपास के इलाकों के सैकड़ों लोग फैक्ट्री के बाहर जमा हुए और विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने बार-बार सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. वहीं 'काडे ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी' के मालिकों ने अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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