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This Article is From Jun 26, 2023

अदालत का रेप पीड़िता नाबालिग को गर्भपात की अनुमति से इनकार, डॉक्टरों ने कहा था- बच्चा जिंदा पैदा होगा

बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने अहम फैसले में एक 15 साल की रेप पीड़िता के 28 हफ्ते के गर्भ को गिराने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट को डॉक्टरों ने राय दी थी कि इस चरण में जबरन प्रसव कराने पर भी बच्चा जीवित पैदा होगा और उसे गंभीर देखभाल की जरूरत होगी.

अदालत का रेप पीड़िता नाबालिग को गर्भपात की अनुमति से इनकार, डॉक्टरों ने कहा था- बच्चा जिंदा पैदा होगा

बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने अहम फैसले में एक 15 साल की रेप पीड़िता के 28 हफ्ते के गर्भ को गिराने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट को डॉक्टरों ने राय दी थी कि इस चरण में जबरन प्रसव कराने पर भी बच्चा जीवित पैदा होगा और उसे गंभीर देखभाल की जरूरत होगी. न्यायमूर्ति आर वी घुगे और न्यायमूर्ति वाई जी खोबरागड़े की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि यदि कोई बच्चा जबरन प्रसव से भी पैदा होने वाला है तो उसके भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे पूरे अवधि के लिए गर्भ में रहने देना ही सही है. 

फरवरी में लापता हुई थी पीड़िता


बता दें कि अदालत में रेप पीड़िता की मां ने याचिका दायर कर 28 हफ्ते के गर्भ को गिराने की अनुमति मांगी थी. जिसमें महिला ने बताया था कि उसकी बेटी इसी साल फरवरी में लापता हो गई थी. पुलिस ने तीन महीने बाद उसे राजस्थान में एक आदमी के पास बरामद किया. आरोपी शख्स के खिलाफ पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश में डॉक्टरों की टीम ने पीड़िता की जांच की. जिसकी रिपोर्ट में ये कहा गया है कि फिलहाल गर्भपात से बच्चा जीवित ही पैदा होगा लेकिन उसमें कई विकृतियां हो सकती हैं. 

पीड़िता चाहे तो अनाथालय में दे सकती बच्चे को

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि यदि किसी भी मामले में बच्चा पैदा होने वाला है और वो प्राकृतिक प्रसव से सिर्फ 12 सप्ताह दूर है, तो हमारा मानना है कि बच्चे के स्वास्थ्य और उसके शारीरिक और मानसिक विकास पर विचार करने की जरूरत है.  हालांकि अदालत ने साथ में ये भी कहा कि यदि बाद में याचिकाकर्ता बच्चे को अनाथालय में देना चाहती है, तो उसे इसकी स्वतंत्रता होगी. अदालत ने संभावना जताई कि यदि बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ्य पैदा होता है और उसमें कोई विकृति नहीं होगी तो उसके गोद लिए जाने की संभावना बढ़ जाएगी. अदालत ने ये भी कहा है कि फिलहाल पीड़ित लड़की को नासिक के शेल्टर होम में या फिर औरंगाबाद में महिलाओं के शेल्टर होम में रखा जा सकता है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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