- नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है
- गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ममता बनर्जी ने मिलन प्रधान को समर्थन दिया था
- मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट का उपचुनाव संग्राम में तब्दील होता दिख रहा है. यहां कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुलिस ने हत्या के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने चुनाव लड़ने से ही इनकार कर दिया था. उन्होंने सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद यह फैसला लिया था. इसे बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से बात की थी और अपनी कैंडिडेट के रेस से हटने पर भाजपा को कोसा था. इसके अलावा उनकी ओर से कांग्रेस कैंडिडेट के समर्थन का ऐलान किया गया था. अब कांग्रेस कैंडिडेट मिलन प्रधान के भी गिरफ्तार होने से राजनीति गरमा गई है.
ममता बनर्जी के लिए आज का दिन निराशा वाला रहा. एक तरफ चुनाव आयोग ने उनकी पार्टी का सिंबल ही बदल दिया. उनकी पार्टी को नया नाम और नया सिंबल मिला है. अब उनके दल का नाम 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' होगा. इसके अलावा चुनाव चिह्न 'फुटबॉल' होगा. वहीं बागी गुट ऋतब्रत बनर्जी की पार्टी का नाम डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस होगा और चुनाव चिह्न लिफाफा रहेगा. यह फैसला आया ही था कि उनकी कैंडिडेट के नाम वापस लेने की जानकारी मिल गई. सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें भी वायरल हैं, जिनमें संचिता प्रधान डे सीएम शुभेंदु अधिकारी से मिलती दिख रही हैं.
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इस दौरान उनके पति सत्यजीत भी साथ थे. चर्चा है कि यह मुलाकात राज्य सचिवालय में ही हुई थी. उनका नाम वापस लेना अहम है क्योंकि शनिवार को ही नामांकन वापसी का आखिरी दिन है. ऐसे में ममता बनर्जी के पास कोई विकल्प नहीं था. अंत में उन्होंने कांग्रेस को ही समर्थन दे दिया. अब कांग्रेस का भी कैंडिडेट अरेस्ट हो गया है. ऐसे में देखना होगा कि चुनाव किस करवट बैठता है. बता दें कि 2021 में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने हराया था. इस साल चुनाव हुए तो ममता बनर्जी भबानीपुर सीट से भी हार गईं. शुभेंदु इस बार दो सीटों से उतरे थे. वह नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों से जीत गए थे. फिर उन्होंने नंदीग्राम की सीट छोड़ दी, जहां अब उपचुनाव हो रहा है. वहीं वह भवानीपुर से विधायक बने हुए हैं.
ममता गुट बोला- आखिर किस बात को लेकर इतना डरी हुई है भाजपा
अपने कैंडिडेट की गिरफ्तारी पर तृणमूल कांग्रेस का भी रिएक्शन आया है. तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि मिलन प्रधान को जिस तरह से अरेस्ट किया गया है, उस पर यकीन नहीं होता. उन्होंने कहा कि आखिर आत्मविश्वास की इतनी कमी क्यों है. आखिर क्या डर है? एक फासीवादी सरकार ने चुनाव से पहले ही एक कैंडिडेट को अरेस्ट कर लिया है. यह ममता बनर्जी का फैसला था कि नंदीग्राम में कांग्रेस कैंडिडेट को समर्थन किया जाएगा. इसके तुरंत बाद गिरफ्तारी हो गई. इससे पहले हमें संचिता प्रधान डे के बारे में जानकारी मिली थी कि वह डरी हुई हैं. इसीलिए उनका नाम वापस हुआ. अब जब विपक्षी एकता का संदेश देते हुए ममता बनर्जी ने कांग्रेस का साथ दिया तो हमारे कैंडिडेट को इस तरह से अरेस्ट कर लिया गया. आखिर ऐसा कैसे संभव है? हमारी मांग है कि मिलन प्रधान को तुरंत छोड़ा जाए.
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