पश्चिम बंगाल की राजनीति में नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि उनका गुट अब नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगा. यह फैसला उस समय आया है जब उनके गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे चुनावी मैदान से हट गई हैं. उन्होंने आगे कहा कि हमने पहले ही तय कर लिया था कि नंदीग्राम में हम कांग्रेस पार्टी को अपना समर्थन देंगे. नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस और टीएमसी का गठबंधन होगा. राहुल गांधी ने कल मुझे फोन किया था. हम साथ हैं. हम बीजेपी के सामने घुटने नहीं टेकेंगे."
उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बदला घटनाक्रम
ममता गुट ने रविवार को संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार घोषित किया था. डे एक शिक्षिका हैं जिनकी नौकरी कथित भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में 26 हजार शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द होने के बाद चली गई थी. उनकी उम्मीदवारी को लेकर काफी चर्चा हुई थी. हालांकि गुरुवार रात उनकी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की खबर सामने आई और शुक्रवार को उनके चुनाव से हटने की जानकारी मिली.
अब दूसरा उम्मीदवार उतारना संभव नहीं
नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है. नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है इसलिए अब नया उम्मीदवार उतारने की संभावना नहीं है. ऐसे में ममता बनर्जी ने कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रही लड़ाई में भी कांग्रेस उनका साथ दे रही है.
चुनाव आयोग के फैसले से बढ़ी मुश्किलें
ममता बनर्जी को यह झटका उस फैसले के बाद लगा जब चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने की घोषणा की. इसके बाद न तो ममता बनर्जी का गुट और न ही रिताब्रता बनर्जी का गुट उपचुनाव में पार्टी के नाम और प्रतीक का उपयोग कर सकता है. नंदीग्राम वही सीट है जहां 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी से हार का सामना करना पड़ा था. बाद में वह उपचुनाव के जरिए विधानसभा पहुंची थीं. अब एक बार फिर यह सीट बंगाल की राजनीति का केंद्र बन गई है.
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